Умрӣаст ки дар ҳиҷрони мисўзму мисозм
عمریست که در هجران میسوزم و میسازم
Бо ин ғам бе поёни мисўзму мисозм
با این غم بی پایان میسوزم و میسازم
Дар базми фироқ эй дӯсти шаб то бсҳри доим
در بزم فراق ای دوست شب تا بسحر دایم
Чун шамъи сиришки афшони мисўзму мисозм
چون شمع سرشک افشان میسوزم و میسازم
Бе рӯй ту шуд олами зиндони бало бар ман
بی روی تو شد عالم زندان بلا بر من
Бо меҳнати аи йени зиндони мисўзму мисозм
با محنت ا ین زندان میسوزم و میسازم
Пӯёии раҳи Кувайти ҷӯёии гули рӯят
پویای ره کویت جویای گل رویت
Бо хор дар ин бустони мисўзму мисозм
با خار در این بستان میسوزم و میسازم
Ҳурмони висоли ту оташ зада бар ҷонам
حرمان وصال تو آتش زده بر جانم
Бо оташи ин ҳурмони мисўзму мисозм
با آتش این حرمان میسوزم و میسازم
Аз таъни рақиб озар дорам бҷгр аммо
از طعن رقیب آذر دارم بجگراما
Бо сарзаниши адуони мисўзму мисозм
با سرزنش عدوان میسوزم و میسازم
Монанди сағир аз дили оҳами шарари ангезад
مانند صغیر از دل آهم شرر انگیزد
Бо ин нафаси сӯзони мисўзму мисозм
با این نفس سوزان میسوزم و میسازم