Дӯши баҳри гиря дар ҳиҷрати маҷолии доштам
دوش بهر گریه در هجرت مجالی داشتم
Бо хаёли турраи ?ути ошуфтаи ҳолеи доштам
با خیال طرّهات آشفته حالی داشتم
Ёди айёмӣ ки бо лабхандӣ аз лаъли лабат
یاد ایّامی که با لبخندی از لعل لبت
Миздўдӣ аз дили мангар малолии доштам
میزدودی از دل من گر ملالی داشتم
МигрФтм аз ишоратҳои абрӯяти ҷавоб
میگرفتم از اشارتهای ابرویت جواب
Дар замир аз ҳар ду оламгар суолии доштам
در ضمیر از هر دو عالم گر سئوالی داشتم
Кош будам бо кабӯтарҳои бомат ҳамнишин
کاش بودم با کبوترهای بامت همنشین
Боз хуш будам агар бишкастаи болии доштам
باز خوش بودم اگر بشکسته بالی داشتم
То кунун ҳиҷри ту ҷисму ҷони ман фарсӯда буд
تا کنون هجر تو جسم و جان من فرسوده بود
Дар дили худгар наам яди висолии доштам
در دل خود گر نه امید وصالی داشتم
Зери шамшер ту кардам нола аз бе тоқатӣ
زیر شمشیر تو کردم ناله از بیطاقتی
Дар шҳидонт аз ин феъли инфеъолии доштам
در شهیدانت از این فعل انفعالی داشتم
Ин ғазал бо сӯз дилам яхати по то сари сағир
این غزل با سوز دل آمیخت پا تا سر صغیر
Чунки дар дили лолаи сони доғи Ғаззолии доштам
چونکه در دل لالهسان داغ غزالی داشتم