Ростии ончӣ тасаввур равад аз баҳри башар

راستی آنچه تصور رود از بهر بشر

Ҳеҷ зи ахлоқ накӯ нест бъолми беҳтар

هیچ ز اخلاق نکو نیست بعالم بهتر

Фии алмисли ҳамчуи дрхтисти вуҷӯди ман ва ту

فی‌المثل همچو درختیست وجود من و تو

Самараши меҳру вафоу адабу илму ҳунар

ثمرش مهر و وفا و ادب و علم و هنر

Оншҷри зини самар ар борвар ояд рибр

آنشجر زین ثمر ار بارور آید ریبر

Ки ҳаме болад ва монад бҷҳони тоза ва тар

که همی بالد و ماند بجهان تازه و تر

Варнагар бесамар афтод ҳамон ба ки зи пой

ورنه گر بی‌ثمر افتاد همان به که ز پای

Аррааш афканду бишиканадаши зарби табар

اره‌اش افکند و بشکندش ضرب تبر

Ҳосил инаст каз ахлоқи накӯ рӯй мтоб

حاصل اینست کز اخلاق نکو روی متاب

То шавад ном накӯй ту боФоқи самар

تا شود نام نکوی تو بآفاق ثمر