Гуфт касе бо дгарии рози хеш

گفت کسی با دگری راز خویش

Кард дар он матлабаши анбози хеш

کرد در آن مطلبش انباز خویش

Лек бигуфт ин сухани аншомкн

لیک بگفت این سخن انشامکن

Пеш касе рози ман ифшо макун

پیش کسی راز من افشا مکن

Рӯз дигар ончӣ бадв гуфта буд

روز دگر آنچه بدو گفته بود

Аз дгарии фошу мубарҳани шунӯд

از دگری فاش و مبرهن شنود

Рӯй турш кард ва ба ҳар сӯи шитофт

روی ترش کرد و به هر سو شتافت

То ба раҳи он муҳаррам дерина ёфт

تا به ره آن محرم دیرینه یافت

Гуфт нагуфтам макун эй қлтбон

گفت نگفتم مکن ای قلتبان

Рози марои фош ба назд касон

راز مرا فاش به نزد کسان

Гуфт тўӣии ончӣ ки гўӣии бмн

گفت توئی آنچه که گوئی بمن

Зонка худии парда дар хештан

زانکه خودی پرده در خویشتن

Ончии ту аз дӯши дили андохтӣ

آنچه تو از دوش دل انداختی

Бори дили зори маниши сохтӣ

بار دل زار منش ساختی

Ман ҳамаш аз дӯши дили андохтам

من همش از دوش دل انداختم

Дӯши дили хеши сабки сохтам

دوش دل خویش سبک ساختم

Ончӣ наёрӣ ту нигаҳдоряш

آنچه نیاری تو نگهداریش

Бар дгарии баҳр чаҳа бисипоряш

بر دگری بهر چهه بسپاریش

Хоҳӣ агар роз нагардад аён

خواهی اگر راز نگردد عیان

Кун чу сағираши бадали худниҳон

کن چو صغیرش بدل خودنهان