Сршги дидаи ду сад дардро давои бикунад

سرشگ دیده دو صد درد را دوا بکند

Дили шикастаи тан аз қайдҳо раҳои бикунад

دل شکسته تن از قیدها رها بکند

Дамии ҳавоиҷи садсоларо равои бикунад

دمی حوائج صدساله را روا بکند

Дило бисӯз ки сӯзи ту корҳо бикунад

دلا بسوز که سوز تو کارها بکند

Дуои нимаи шабии дафъи сдблои бикунад

دعای نیمه‌شبی دفع صدبلا بکند

Чу съўаҳ маст мабошу ҳаме тарона бикаш

چو صعوه مست مباش و همی ترانه بکش

Чу мӯри баҳри хазони донае ба хона бикаш

چو مور بهر خزان دانه‌ای به خانه بکش

Ба шукр , бори ризои худо ба шона бикаш

به شکر، بارِ رضای خدا به شانه بکش

Итоби ёри парии чеҳра ошиқона бикаш

عتاب یار پری چهره عاشقانه بکش

Ки як киришмаи талофии сад ҷафои бикунад

که یک کرشمه تلافی صد جفا بکند

Касони зи чеҳраи дилгар ниқоб баргиранд

کسان ز چهره دل گر نقاب برگیرند

зи чашми дили Ромад инқилоб баргиранд

ز چشم دل رمد انقلاب برگیرند

Буд ки баҳри дил аз дида хоб баргиранд

بود که بهر دل از دیده خواب برگیرند

зи малик то малакӯташ ҳиҷоб баргиранд

ز ملک تا ملکوتش حجاب برگیرند

Ҳар он ки хизмати ҷоми ҷаҳони намои бикунад

هر آن که خدمت جام جهان نما بکند

Нишони дарди ду чизаст бо яқини наздик

نشان درد دو چیز است با یقین نزدیک

Чу каҳрабои рухи зард ва чу мӯии тани борӣк

چو کهربا رخ زرد و چو موی تن باریک

Ту аз табиб маранҷ ва ба худ назар кун нек

تو از طبیب مرنج و به خود نظر کن نیک

Табиби ишқ масеҳо дамасту мушфиқ лек

طبیب عشق مسیحا دمست و مشفق لیک

Чу дард дар ту набинад киро давои бикунад

چو درد در تو نبیند که را دوا بکند

Бибин мақоми таваккул ки чун халили Фкор

ببین مقام توکل که چون خلیل فکار

Гирифт дар дили оташи самандро на қарор

گرفت در دل آتش سمند را نه قرار

Шуд аз барои ваии оташ ба амри ҳақи гулзор

شد از برای وی آتش به امر حق گلزار

Ту бо худоӣ худ андоз кору дили хуши дор

تو با خدای خود انداز کار و دل خوش دار

Ки раҳм агар накунад муддаии худои бикунад

که رحم اگر نکند مدعی خدا بکند

Маро ки нест чу ман дар қафаси гирифторӣ

مرا که نیست چو من در قفس گرفتاری

Буд ки мурғи ҳазинӣ ба тарафи гулзорӣ

بود که مرغ حزینی به طرف گلزاری

Рҳондми зи ғам аз сӯзи нолаи зорӣ

رهاندم ز غم از سوز ناله زاری

зи бахти хуфтаи малулам буд ки бедорӣ

ز بخت خفته ملولم بود که بیداری

Ба вақти фотиҳаи субҳи як дуои бикунад

به وقت فاتحه صبح یک دعا بکند

Чаҳ ғам ки аз ғами ҷонони сағир ҷон биспурад

چه غم که از غم جانان صغیر جان بسپرد

Ки каси шаҳиди вафоро з мурдагон нашимурд

که کس شهید وفا را ز مردگان نشمرد

Вале фиғон ки май аз ҷоми васл ёр нахурд

ولی فغان که می‌ از جام وصل یار نخورد

Бсухт ҳофизу бӯеи зи зулфи ёри набард

بسوخت حافظ و بویی ز زلف یار نبرد

Магари далолати ин давлаташи сабои бикунад

مگر دلالت این دولتش صبا بکند