зи накҳати гулу файзи сабои вршҳи саҳоб

ز نکهت گل و فیض صبا ورشح سحاب

Ҷаҳони пер дигар бора ёфт аҳди шабоб

جهان پیر دگر باره یافت عهد شباب

Баҳори қади арӯсони боғро орост

بهار قد عروسان باغ را آراست

Ба ранги ранги либос ва ба гӯнаи гӯнаи сёб

به رنگ رنگ لباس و به گونه گونه ثیاب

Зъкси лола ва гул шуд млўни оби шимур

زعکس لاله و گل شد ملون آب شمر

Чаҳ нақшҳо ки назд дасти нави баҳор бар об

چه نقش ها که نزد دست نو بهار بر آب

Гирифтам инки зи симоби сохт ки шингарф

گرفتم اینکه ز سیماب ساخت که شنگرف

Чаман чаҳ кард ки зангори сохт аз симоб

چمن چه کرد که زنگار ساخت از سیماب

Диҳад ба ҷисми замини фусурдаи ршҳаҳ ӣ абр

دهد به جسم زمین فسرده رشحه ی ابر

Ҳамон хавос ки дар табъи хастагони ҷлоб

همان خواص که در طبع خستگان جلاب

Кунун ки фасл каттонаст ватузӣ аз чаҳ сабаб

کنون که فصل کتان است و توزی از چه سبب

Дарахт карда ба бар қоқму ҳавои санҷоб

درخت کرده به بر قاقم و هوا سنجاب

Зиён накард агар абри рехт дар ба замин

زیان نکرد اگر ابر ریخت در به زمین

Ки ин зумуррад шодоб доду лаъли хўшоб

که این زمرد شاداب داد و لعل خوشاب

Чу дасти соқии базми амири поки замир

چو دست ساقی بزم امیر پاک ضمیر

Зулолаи боғ ба каф бар гирифтаи ҷоми шароб

زلاله باغ به کف بر گرفته جام شراب

Сипеҳри ҷӯади Муҳамади ҳусайни хон ки дараш

سپهر جود محمد حسین خان که درش

зи ҳодисот буд халқро мқрўи моб

ز حادثات بود خلق را مقرو مآب

Дигар чаҳ бошад азин беш хунбҳои ( саҳоб )

دگر چه باشد ازین بیش خونبهای (سحاب)

Ки дар ҳисоби шаҳидони тести рӯзи ҳисоб

که در حساب شهیدان تست روز حساب