зи соф роҳ бикаш ҳар сабоҳи ҷоми сабӯҳ
ز صاف راح بکش هر صباح جام صبوح
Ки субҳи мавсим айшасту роҳи лиззати рӯҳ
که صبح موسم عیش است و راح لذت روح
Сабоҳи иду лаби ҷӯйбору ҷоми сабӯҳ
صباح عید و لب جویبار و جام صبوح
Раво буд ки пушаймон шавад зи тавбаи насӯҳ
روا بود که پشیمان شود ز توبه نصوح
Чаҳ суд аз ин ки лабаши марҳами ҷароҳат ҳост
چه سود از این که لبش مرهم جراحت هاست
Маро ки ҳаст ҷигари доғдору дили маҷрӯҳ
مرا که هست جگر داغدار و دل مجروح
Дарӣ ки ҳаст бадасти рақиби мо мифтоҳ
دری که هست بدست رقیب ما مفتاح
Раво буд ки набошад ба рӯй мо мафтӯҳ
روا بود که نباشد به روی ما مفتوح
Чаҳ суди коимнӣ аз ашки чашми хеш ( саҳоб )
چه سود کایمنی از اشک چشم خویش (سحاب)
Ҳамин на бас ки саломат буд сафинаи Нӯҳ
همین نه بس که سلامت بود سفینه نوح