То зҳоли дили ман дилбари ман ғофил буд
تا زحال دل من دلبر من غافل بود
Ончии коми ману дил буд аз ӯ ҳосил буд
آنچه کام من و دل بود از او حاصل بود
Раст ҷон аз тан ва сад шукр ки зоил гардид
رست جان از تن و صد شکر که زایل گردید
Ончии як чанд миёни ман ва ӯ ҳоил буд
آنچه یک چند میان من و او حایل بود
То на ҷон буд фидои ту аз ин будам шарм
تا نه جان بود فدای تو از این بودم شرم
Шармам акнӯн ҳама онаст ки ноқобил буд
شرمم اکنون همه آن است که ناقابل بود
Халқӣ аз рози дил ман набад огоҳ вале
خلقی از راز دل من نبد آگاه ولی
Ба забон ту фитод ончии маро дар дил буд
به زبان تو فتاد آنچه مرا در دل بود
Дидам он сарв ки машҳур ба озодии гашт
دیدم آن سرو که مشهور به آزادی گشت
Онҳам аз ғайрати болои ту по дар гул буд
آنهم از غیرت بالای تو پا در گل بود
Дили битоби ғами ашки рақиб афзӯн дошт
دل بیتاب غم اشک رقیب افزون داشت
Рӯзгорӣ ки дил ӯ ба вафои моил буд
روزگاری که دل او به وفا مایل بود
Гуфт но дидан ёраст ( саҳоб ) ончӣ бад аст
گفت نا دیدن یار است (سحاب) آنچه بد است
Оҳ каз дидан рӯй дгарони ғофил буд
آه کز دیدن روی دگران غافل بود