Дил агар аз ғам ӯ кори маро мушкил кард
دل اگر از غم او کار مرا مشکل کرد
Ончӣ бо ман ғам ӯ кард ғамаш бо дил кард
آنچه با من غم او کرد غمش با دل کرد
Дид гардун ки ҳалок аз ситам ӯ нашудем
دید گردون که هلاک از ستم او نشدیم
Дил бераҳм батонро ба ҷафо моил кард
دل بی رحم بتان را به جفا مایل کرد
зи оби чашм ончӣ кашад мардумак дида сазост
ز آب چشم آنچه کشد مردمک دیده سزاست
Зонкаҳ дар раҳгузари сайл чаро манзил кард
زآنکه در رهگذر سیل چرا منزل کرد
Ҳам кафи Мӯсавӣ аз нури рахт хиҷлат кард
هم کف موسوی از نور رخت خجلت کرد
Ҳам дами исавии эъҷози лабат ботил кард
هم دم عیسوی اعجاز لبت باطل کرد
Хоҷа биспурад ба ночор дар охир ба ҷаҳон
خواجه بسپرد به ناچار در آخر به جهان
Ба ҷаҳони ончии зосбоби ҷаҳон ҳосил кард
به جهان آنچه زاسباب جهان حاصل کرد
Оқили он буд ки аз соғари ойӣнаи мисол
عاقل آن بود که از ساغر آیینه مثال
Занги андӯҳи зи ойӣнаи дил зоил кард
زنگ اندوه ز آیینهٔ دل زایل کرد
Дид каз баҳр нисорат будам тӯҳфаи ҷон
دید کز بهر نثارت بودم تحفهٔ جان
Чарх дар чашми тўоши ин ҳама ноқобил кард
چرخ در چشم تواش این همه ناقابل کرد
Хост дар ҳашар ба домон занадаш даст ( саҳоб )
خواست در حشر به دامان زندش دست (سحاب)
Шармаш омад чу нигоҳӣ ба сӯй қотил кард
شرمش آمد چو نگاهی به سوی قاتل کرد