Доне ки аз кӣм май васлат ба ҷом буд
دانی که از کیم می وصلت به جام بود
Зони пештар ки аз майу маъшӯқи ном буд
زآن پیشتر که از می و معشوق نام بود
Озодяши куҷоу раҳои кадом буд
آزادیش کجا و رهایی کدام بود
То буд ҷои мурғи дилами кунҷи дом буд
تا بود جای مرغ دلم کنج دام بود
Донам ки ҳуши ман яке аз некӯони рабӯд
دانم که هوش من یکی از نیکوان ربود
Аммо на он қадар ки бигӯям кадом буд
اما نه آن قدر که بگویم کدام بود
Гуфтам расм ба васли ту аммо нашуд насиб
گفتم رسم به وصل تو اما نشد نصیب
Будам ба дили хаёли хушӣ лек хом буд
بودم به دل خیال خوشی لیک خام بود
Чун ман чаро рақиб нашуд мубталои ҳиҷр
چون من چرا رقیب نشد مبتلای هجر
Бо ҳар кас аз фалаки зи паии интиқом буд
با هر کس از فلک ز پی انتقام بود
Сад раҳи хавоси тоъати пинҳони фузун тар аст
صد ره خواص طاعت پنهان فزون تر است
Мақсӯди шайх агар на фиреби авом буд
مقصود شیخ اگر نه فریب عوام بود
Корӣ нагашт бар танами он ханҷарӣ ки зад
کاری نگشت بر تنم آن خنجری که زد
Лутфӣ ( саҳоб ) кард вале нотамом буд
لطفی (سحاب) کرد ولی ناتمام بود