зи оби чашми мост каз дунбол маҳмил меравад ?

ز آب چشم ماست کز دنبال محمل می‌رود؟

Инки халқӣ аз қафояши пой дар гул ме равад

اینکه خلقی از قفایش پای در گل می‌رود

Дил чу мерафт аз қафоӣ ӯ видоъ ҷон накард

دل چو می‌رفت از قفای او وداع جان نکرد

з онкӣ медонад ки ҷони ҳам аз пай дил ме равад

ز آنکه می‌داند که جان هم از پی دل می‌رود

Чун ба базмӣ бинадам аввали маро аз суҳбатӣ

چون به بزمی بیندم اول مرا از صحبتی

намекунад бо дигарон машғӯл ва ғофил ме равад

می‌کند با دیگران مشغول و غافل می‌رود

Мушкил аз ин гашта кори ман ки ишқи некӯон

مشکل از این گشته کار من که عشق نیکوان

Омад осон дар дили ман лек мушкил ме равад

آمد آسان در دل من لیک مشکل می‌رود

Ин дили саргаштаро чун неки байнам дар қафост

این دل سرگشته را چون نیک بینم در قفاست

Ҳркҷои мавзуни қадии ширин шамоил ме равад

هرکجا موزون‌قدی شیرین‌شمایل می‌رود

Гар бирафт аз теғи ҷавраш бар замини хӯнам ( саҳоб )

گر برفت از تیغ جورش بر زمین خونم (سحاب)

Худ зи чашмами зи орзӯии теғ қотил ме равад

خود ز چشمم ز آرزوی تیغ قاتل می‌رود