Бар он серум ки даҳуми дил ба длнўоз дигар
بر آن سرم که دهم دل به دلنواز دگر
Ки то фузун кунам аз аҷзи хеши ноз дигар
که تا فزون کنم از عجز خویش ناز دگر
Аз ин табиб надидем чора ба ки рӯем
از این طبیب ندیدیم چاره به که رویم
Ба чорасозӣ дили сӯии чораи соз дигар
به چاره سازی دل سوی چاره ساز دگر
Дигар чу шамъ мефурӯз чеҳра зонка фитод
دگر چو شمع میفروز چهره زانکه فتاد
Ба ҷонами оташӣ аз ишқи ҷони гудоз дигар
به جانم آتشی از عشق جان گداز دگر
Навой сози муҳаббат ба гӯши ман мсроӣ
نوای ساز محبت به گوش من مسرای
Ки хуши фитода ба гӯшами сурӯди соз дигар
که خوش فتاده به گوشم سرود ساز دگر
Даҳум ба моҳи рухии тозаи дил , ки ошиқи нав
دهم به ماه رخی تازه دل، که عاشق نو
Зъошқон дигар дорад имтиёз дигар
زعاشقان دگر دارد امتیاز دگر
Шудааст рози ниҳони ту фош ва мехоҳам
شده است راز نهان تو فاش و میخواهم
Ки то бадал бисипорам наҳуфтаи роз дигар
که تا بدل بسپارم نهفته راز دگر
Бигӯ абас нанавозиш ба обу дона ки кард
بگو عبث ننوازش به آب و دانه که کرد
Кабӯтари дили ман майли шоҳбоз дигар
کبوتر دل من میل شاهباز دگر
Гарми зноз батон бениёз хоҳад шоҳ
گرم زناز بتان بی نیاز خواهد شاه
( саҳоб ) нест мроҳми ҷузи ин ниёз дигар
(سحاب) نیست مراهم جز این نیاز دگر
Сутӯдаи фатҳъалии шоҳи он ки сад Маҳмӯд
ستوده فتحعلی شاه آن که صد محمود
Буд бдргаҳ ӯ ҳар яке Аёз дигар
بود بدرگه او هر یکی ایاز دگر