Чунон дар базми ғайри имшаби ғамин аз васли ҷононм

چنان در بزم غیر امشب غمین از وصل جانانم

Ки ҳрдми шоди созанд аз навиди рӯзи ҳиҷронам

که هردم شاد سازند از نوید روز هجرانم

Чу андешами зи ҷаври посбону манъи дарбонаш

چو اندیشم ز جور پاسبان و منع دربانش

Ки дар он кўзи чашми ин ва он аз заъфи пинҳонам

که در آن کوز چشم این و آن از ضعف پنهانم

Гарми зини пеши як гул буд доими зинати домон

گرم زین پیش یک گل بود دایم زینت دامان

Кунун бошад зи хӯни дили басии гулранги домонам

کنون باشد ز خون دل بسی گلرنگ دامانم

Гарм аз партави як шамъи равшан буд базми имшаб

گرم از پرتو یک شمع روشن بود بزم امشب

Ҳазорон шамъ аз оҳи оташини байн дар шабистонам

هزاران شمع از آه آتشین بین در شبستانم

Ба тарки ғайри дишаби бастаи паймон бо ману имшаб

به ترک غیر دیشب بسته پیمان با من و امشب

Ба базм ӯ кашад паймонаи ёри сусти паймонам

به بزم او کشد پیمانه یار سست‌پیمانم

Ба ҳасан аз моҳи ман чандон ки бошад кам маи канъон

به حسن از ماه من چندان که باشد کم مه کنعان

Ман аз бе тоқатии афзӯн ( саҳоб ) аз пери канъонам

من از بی‌طاقتی افزون (سحاب) از پیر کنعانم