Куҷои андеша аз чашми бад айём мекардам ?

کجا اندیشه از چشم بد ایام می‌کردم؟

Дар айёмӣ ки дар майхона май дар ҷом ме кардам

در ایامی که در میخانه می در جام می‌کردم

Кунун на васли сайёд ва на умеди гирифторӣ

کنون نه وصل صیاد و نه امید گرفتاری

Ба ин рӯзами нишонди он шикваҳо каз дом ме кардам

به این روزم نشاند آن شکوه‌ها کز دام می‌کردم

Ба зоҳир аз сари кӯй ту мерафтам ба шавқ аммо

به ظاهر از سر کوی تو می‌رفتم به شوق اما

Нигоҳи ҳасратии сӯии қафо ҳар гом ме кардам

نگاه حسرتی سوی قفا هر گام می‌کردم

Кунун донам ки ҳар ишқӣ ки бо ғайри ту варзедам

کنون دانم که هر عشقی که با غیر تو ورزیدم

Ҳавас бӯдааст ва ман беҳудаи ишқаш ном ме кардам

هوس بوده است و من بیهوده عشقش نام می‌کردم

Туро кас ҳам нишин бо ман намедонист дар Кувайт

تو را کس هم‌نشین با من نمی‌دانست در کویت

Ба ин нисбати саги кӯии туро бадном ме кардам

به این نسبت سگ کوی تو را بدنام می‌کردم

Набӯд анҷоми кори ман чунин дар ошиқигар ман

نبود انجام کار من چنین در عاشقی گر من

Дар оғози ғамаши андеша аз анҷом ме кардам

در آغاز غمش اندیشه از انجام می‌کردم

намекардам ( саҳоб ) ин шикваҳо зи анҷоми ҳиҷронаш

نمی‌کردم (سحاب) این شکوه‌ها ز انجام هجرانش

Агар дар васли шомии субҳу субҳӣ шом ме кардам

اگر در وصل شامی صبح و صبحی شام می‌کردم