Чаҳ ғам ки рехта шуд болу пари зи санги туам
چه غم که ریخته شد بال و پر ز سنگ توام
Ки бе ниёзи збол аз пари хаданги туам
که بی نیاز زبال از پر خدنگ توام
Рӯй змҳФли ман зуд ва ду дайри бози ое
روی زمحفل من زود و دو دیر باز آیی
Ҳам аз шитоби ту ғамгини ҳам аз диранги туам
هم از شتاب تو غمگین هم از درنگ توام
Ҷаҳон ба пеши назар дар ғамати чунон танг аст
جهان به پیش نظر در غمت چنان تنگ است
Ки кор бар дили танг аз даҳони танги туам
که کار بر دل تنگ از دهان تنگ توام
Мабод завқи асирони чанги ишқи ту ро
مباد ذوق اسیران چنگ عشق تو را
Агар хаёли раҳоӣ буд зи чанги туам
اگر خیال رهایی بود ز چنگ توام
зи дили ғам ту наёяд бурун агар чаҳ бадал
ز دل غم تو نیاید برون اگر چه بدل
Ҳазор рахна фузунаст аз хаданги туам
هزار رخنه فزون است از خدنگ توام
Ба ҷонибам накунӣ ҷуз ба вақти марги нигоҳ
به جانبم نکنی جز به وقت مرگ نگاه
Аз он зи оштии ?ут хуштараст ҷанги туам
از آن ز آشتی ات خوشتر است جنگ توام
Ба май ( саҳоб ) чаҳ ҳоҷат ки бениёз аз он
به می (سحاب) چه حاجت که بی نیاز از آن
Ба ёди лаъли вайу ашки лаъли ранги туам
به یاد لعل وی و اشک لعل رنگ توام