Умрии умеди вафоу меҳр аз он дили доштам

عمری امید وفا و مهر از آن دل داشتم

Хешро хурсанд аз ин фикри ботили доштам

خویش را خرسند از این فکر باطل داشتم

Бесабаб дар зери теғ эй ҷон ноқобил набӯд

بی سبب در زیر تیغ ای جان ناقابل نبود

Ҳар қадари шармандагӣ аз рӯй қотили доштам

هر قدر شرمندگی از روی قاتل داشتم

Монда аз сарви равонии пои ман дар гул чаҳ бок

مانده از سرو روانی پای من در گل چه باک

Гар чу қамарии меҳри сару пой дар гули доштам

گر چو قمری مهر سر و پای در گل داشتم

То надонистам забонро муҳаррами асрори дил

تا ندانستم زبان را محرم اسرار دل

Кас набӯд огоҳ аз розӣ ки дар дили доштам

کس نبود آگاه از رازی که در دل داشتم

Бехабар будам зи заҳри рашки ғайр аз тлхиӣӣ

بی خبر بودم ز زهر رشک غیر از تلخیئی

Дар мазоқ аз ҳиҷри он ширини шамоили доштам

در مذاق از هجر آن شیرین شمایل داشتم

Бо май софӣ кунун бар сафҳаи дили байн ( саҳоб )

با می صافی کنون بر صفحهٔ دل بین (سحاب)

Занги андӯҳӣ ки дар майхонаи зоили доштам

زنگ اندوهی که در میخانه زایل داشتم