Хизри оби зиндагии хости ман васли ёри ҷонӣ
خضر آب زندگی خواست من وصل یار جانی
Кин айши ҷовдон ба зони умри ҷовдонӣ
کاین عیش جاودان به زآن عمر جاودانی
Дар лаъл ёр пайдост пайваста бе каму кост
در لعل یار پیداست پیوسته بی کم و کاست
Искандар ончӣ мехост аз оби зиндагонӣ
اسکندر آنچه میخواست از آب زندگانی
То на заранги зардами огаҳи шӯии зи дардам
تا نه زرنگ زردم آگه شوی ز دردم
Аз хӯн дида кардам ранги худ арғавонӣ
از خون دیده کردم رنگ خود ارغوانی
Гуфто : чу додам онро аз баҳри бӯсаи ҷон ро
گفتا: چو دادم آن را از بهر بوسه جان را
Каси ганҷи ройгонро додааст ройгонӣ
کس گنج رایگان را داده است رایگانی
Гарчи зи ҷавр ҷонон шоданд хастаи ҷонон
گرچه ز جور جانان شادند خسته جانان
Аммо ба нотавонони раҳми ор то туоне
اما به ناتوانان رحم آر تا توانی
Васлаш чу нест тақдири биҳослсти тадбир
وصلش چو نیست تقدیر بیحاصلست تدبیر
Ёбад чаҳ гӯнаи тағйири тақдири осмонӣ
یابد چه گونه تغییر تقدیر آسمانی
Он лаб чу лаъл нобаст дарҷ дар хўшобст
آن لب چو لعل نابست درج در خوشابست
Чун дида ӣ ( саҳоб )аст доим ба дар фишонӣ
چون دیده ی (سحاب) است دایم به در فشانی