Сӯзади ҳазор шамъ ба байти алҳзни маро

سوزد هزار شمع به بیت الحزن مرا

Зини доғҳо ки аз ту фурӯзад ба тани маро

زین داغها که از تو فروزد به تن مرا

Хоҳам зи дилбарони ҷафо пеша дод дил

خواهم ز دلبران جفا پیشه داد دل

Як чанд дил агар бигузорад ба ман маро

یک چند دل اگر بگذارد به من مرا

Носеҳи бадаст дил бигзор ихтиёри ман

ناصح بدست دل بگذار اختیار من

ё вораҳон зи дасти дили хештани маро

یا وارهان ز دست دل خویشتن مرا

Паймони зи бади гумонеи ман ҳар гуҳии шикаст

پیمان ز بد گمانی من هر گهی شکست

Афзуди меҳри он бути паймони шикани маро

افزود مهر آن بت پیمان شکن مرا

Дастӣ ки бошудам ба гиребон чаҳ ме кунӣ

دستی که باشدم به گریبان چه می کنی

Рӯзӣ ки бошад аз ту ба ҷайби кафани маро

روزی که باشد از تو به جیب کفن مرا

Шодам ки пои зи анҷумани ин ва он кашид

شادم که پا ز انجمن این و آن کشید

Аз бас ( саҳоб ) дид ба ҳар анҷумани маро

از بس (سحاب) دید به هر انجمن مرا