ё марг ё висол эй кош анқариб

یا مرگ یا وصال ای کاش عنقریب

ё ин диҳад худоё он кунад насиб

یا این دهد خدایا آن کند نصیب

Аз иззати ҷаҳон чандин махӯр фиреб

از عزت جهان چندین مخور فریب

Чун ҳар фароз он дорад басии нишеб

چون هر فراز آن دارد بسی نشیب

Доне ки васл чист фархунда хлътӣ аст

دانی که وصل چیست فرخنده خلعتی است

Аммо фиғон ки нест ҷуз дар бар рақиб

اما فغان که نیست جز در بر رقیب

Давр аз ту рафтаи тоб аз дили здидаҳи хоб

دور از تو رفته تاب از دل زدیده خواب

Лаби ташнаро аз об то кӣ буд шикеб ?

لب تشنه را از آب تا کی بود شکیب؟

Бастами лаб аз фиғони к-эии гул ба гӯши ту

بستم لب از فغان کای گل به گوش تو

Бонг заған якеаст бо савти андалеб

بانگ زغن یکیست با صوت عندلیب

Ҷуз аз лаби тўоши дармон наме тавон

جز از لب تواش درمان نمی توان

Дардои маро агар исо шавад табиб

دردا مرا اگر عیسی شود طبیب

Аз улфати маниши ҳоҷиб ба манъ нест

از الفت منش حاجب به منع نیست

зи омезиши касон манъаш кун эй адиб

ز آمیزش کسان منعش کن ای ادیب

Зон исавии санами зоҳиди зи дайни гузашт

زان عیسوی صنم زاهد ز دین گذشت

Ман аз чаҳ дар сулб пинҳон кунам салиб

من از چه در صلب پنهان کنم صلیب

То ин замон ( саҳоб ) аз табъи каси нхост

تا این زمان (سحاب) از طبع کس نخاست

Баҳрии чунин бадеъи назмии чунин аҷиб

بحری چنین بدیع نظمی چنین عجیب