Рӯзи онро ки сияҳи гашти зи чашми сияҳат

روز آن را که سیه گشت ز چشم سیهت

Равшанӣ нест ҷуз аз партав рӯй чу маат

روشنی نیست جز از پرتو روی چو مهت

зи яке ҷон бастанд ба яке ҷон бахшад

ز یکی جان بستاند به یکی جان بخشد

Ҷони ман ин чаҳ асрҳост ки дорад нигаҳат ?

جان من این چه اثرهاست که دارد نگهت؟

Аҷабӣ нест агар сайди ҳарамро зи ҳарам

عجبی نیست اگر صید حرم را ز حرم

Ба сӯии домгаҳи оради ҳаваси домгҳт

به سوی دامگه آرد هوس دامگهت

з ту дод дили моро бастанд рӯзӣ

ز تو داد دل ما را بستاند روزی

Онкӣ кардааст ба малики дили мо Подшаҳат

آنکه کرده است به ملک دل ما پادشهت

Кӯш то шаҳри дил обод кунӣ эй шаҳи ҳасан

کوش تا شهر دل آباد کنی ای شه حسن

Пештари зи онкӣ наад рӯ ба ҳазимати сипаҳат

پیشتر ز آنکه نهد رو به هزیمت سپهت

На ба раҳмаст ки бар боди надодии хокам

نه به رحم است که بر باد ندادی خاکم

зи он надодӣ ки мабодо биншинад ба раҳат

ز آن ندادی که مبادا بنشیند به رهت

Гашти марҳӯми зи санги ситамат чун занахаст

گشت مرحوم ز سنگ ستمت چون زنخست

Рехти болу пурм аз ҳасрати тарафи каллаат

ریخت بال و پرم از حسرت طرف کلهت

Давр аз ӯ зистӣ ва ҳар чаҳ ба подош ( саҳоб )

دور از او زیستی و هر چه به پاداش (سحاب)

Ҳиҷр ӯ бо ту кунад нест фузун аз гунаҳат

هجر او با تو کند نیست فزون از گنهت