Гӯйанд ки дар шаръи набии бода ҳаром аст

گویند که در شرع نبی باده حرام است

Дар кеши ман он бода ки бедӯст ба ҷом аст

در کیش من آن باده که بی دوست به جام است

Каси рӯзи висол ту надонад ки кадом аст

کس روز وصال تو نداند که کدام است

Кони рӯзи ҳамон субҳ нагашта сет ки шом аст

کآن روز همان صبح نگشته‌ست که شام است

Дар базм тамомаст ғам ар ёр намонад

در بزم تمام است غم ار یار نماند

Вар монад ва бегона равад айш тамом аст

ور ماند و بیگانه رود عیش تمام است

То мурғи дил озод нигарадед надонист

تا مرغ دل آزاد نگردید ندانست

Коромӣ агар ҳаст дар он гӯша дом аст

کآرامی اگر هست در آن گوشه دام است

Он чашм ки чун оҳӯии ваҳшии Ромад аз ман

آن چشم که چون آهوی وحشی رمد از من

эй ғайр надонам ба чаҳ афсун ба ту ромаст ?

ای غیر ندانم به چه افسون به تو رام است؟

Дар турраи худ шефтатар аз ҳамаи дил ҳо

در طرهٔ خود شیفته‌تر از همه دل‌ها

Донад ки дилӣ ҳаст ва надонад ки кадомаст ? !

داند که دلی هست و نداند که کدام است؟!

Аз раҳмати хосаш ба ман эй шайхи сухани гӯй

از رحمت خاصش به من ای شیخ سخن گوی

Афсонаи дӯзахи паии таҳдид авом аст

افسانهٔ دوزخ پی تهدید عوام است

На тоқати санг ситамат дорам азин беш

نه طاقت سنگ ستمت دارم ازین بیش

На қӯти парвоз аз он гӯша бом аст

نه قوّت پرواز از آن گوشهٔ بام است

Гуфтам ки дилаши зи орзӯии васли ту бгдохт

گفتم که دلش ز آرزوی وصل تو بگداخت

Гуфтои з чаҳ пас фикр ( саҳоб ) ин ҳама хомаст ?

گفتا ز چه پس فکر (سحاب) این همه خام است؟