Ҳикояти лаби ширини иборатат ба иборат

حکایت لب شیرین عبارتت به عبارت

Чу оварам начишад коми шаҳди ғайри марорат

چو آورم نچشد کام شهد غیر مرارت

Фузуни зи мужда васласт хуррамии ту қосид

فزون ز مژدهٔ وصل است خرمی تو قاصد

Магар ба сӯии ман ореи зи марги ғайри бишорат

مگر به سوی من آری ز مرگ غیر بشارت

Алоҷи гиря ӣ ман зони нмикнии ту ки дорад

علاج گریه ی من زآن نمیکنی تو که دارد

зи оби дида ӣ ман боғи хӯбии ту нзорт

ز آب دیده ی من باغ خوبی تو نضارت

Дило ниҳод ҳар онкаси баннои хона ӣ ғам ро

دلا نهاد هر آنکس بنای خانه ی غم را

Нахусти рехти зи хокистари ту тарҳи иморат

نخست ریخت ز خاکستر تو طرح عمارت

Гирифтаам ивази ним ҷони зи лаъли ту ҷонҳо

گرفته ام عوض نیم جان ز لعل تو جانها

Зиёни бҷони мрсодш ки карда вазъи тиҷорат

زیان بجان مرسادش که کرده وضع تجارت

Бова надоштам аввали гумони ӣнҳамаи хӯбӣ

باو نداشتم اول گمان اینهمه خوبی

Чу зарра ӣ ки бхўршид бингарад ба ҳақорат

چو ذره ی که بخورشید بنگرد به حقارت

( саҳоб ) кишвари дилро бадӣгарии нспорд

(سحاب) کشور دل را بدیگری نسپارد

Ки нест ҷузи ту касеро ба малики ҳасани аморат

که نیست جز تو کسی را به ملک حسن امارت