Расед мавсими наврӯз ва шуд ҷаҳони хуррам

رسید موسم نوروز و شد جهان خرم

Баҳор дар чаман аз сарви брФрохти илм

بهار در چمن از سرو برفراخت علم

Нишаст наУмия бар тахти хусравӣ дар боғ

نشست نامیه بر تخت خسروی در باغ

Шукуфа бар сар ӯ мекунад нисор , дирам

شکوفه بر سر او می کند نثار، درم

Арӯси боғи брорости хешро каз рашк

عروس باغ برآراست خویش را کز رشک

Чу лолаи доғ наад бар дили риёзи Ирам

چو لاله داغ نهد بر دل ریاض ارم

зи имтизоҷ ҳаво шуд ба гавҳари обистан

ز امتزاج هوا شد به گوهر آبستن

Азон фиканда ба пеши абри навбаҳори шикам

ازان فکنده به پیش ابر نوبهار شکم

Чу доягони зи пай зоданаши ниҳодаи садаф

چو دایگان ز پی زادنش نهاده صدف

зи шохи марҷон дар об , панҷа ӣ Марям

ز شاخ مرجان در آب، پنجه ی مریم

Ҳарими каъбаи гумон май барӣ гулистон аст

حریم کعبه گمان می بری گلستان است

ШкФти бас ки гул аз шохи оҳӯони ҳарам

شکفت بس که گل از شاخ آهوان حرم

зи инбисоти ҳавои ғунча чун ситора ӣ субҳ

ز انبساط هوا غنچه چون ستاره ی صبح

зи шохсори дамад бо шукуфтагии тавъам

ز شاخسار دمد با شکفتگی توأم

Намояд аз дили гулбуни фурӯғи талъати гул

نماید از دل گلبن فروغ طلعت گل

Чу нури ҷавҳари исои зи ҷабҳа ӣ Марям

چو نور جوهر عیسی ز جبهه ی مریم

Касе куҷост ки мегуфт субҳро содиқ

کسی کجاست که می گفت صبح را صادق

Чунин ки резад дар шер , об аз шабнам

چنین که ریزد در شیر، آب از شبنم

Ба васфи абри баҳорӣ наме рӯм , ки мабод

به وصف ابر بهاری نمی روم، که مباد

Чу мӯӣ , сабза барояд марои зи нӯки қалам

چو موی، سبزه برآید مرا ز نوک قلم

Ба тарафи дашти ниҳони гашт дар миёна ӣ гул

به طرف دشت نهان گشت در میانه ی گل

Чу доғи лола , сияҳи хонаҳои аҳли ҳашам

چو داغ لاله، سیه خانه های اهل حشم

зи суфиёни гулу лолаи маҷмаъии сет ба боғ

ز صوفیان گل و لاله مجمعی ست به باغ

Шукуфааст дар он ҳалқа , пери пеши қадам

شکوفه است در آن حلقه، پیر پیش قدم

Бибин ки ғунчаи зи шабнами шукуфта чун гардид

ببین که غنچه ز شبنم شکفته چون گردید

зи об гарчи ҳамеша гиреҳ шавад муҳкам

ز آب گرچه همیشه گره شود محکم

зи пари гулии сабади глФрўшро монад

ز پر گلی سبد گلفروش را ماند

зи бас ки хона ӣ булбул ба боғ шуд хуррам

ز بس که خانه ی بلبل به باغ شد خرم

Кунад ҳавои чаман дар мизоҷ агар таъсир

کند هوای چمن در مزاج اگر تأثیر

Шавад чу марҳами зангори сабз , мағзи қалам

شود چو مرهم زنگار سبز، مغز قلم

Дарин баҳор ки аз айш , ҳамчуи чанбари даф

درین بهار که از عیش، همچو چنبر دف

Навой сур барояд зи ҳалқа ӣ мотам ,

نوای سور برآید ز حلقه ی ماتم،

Чу ғунчаи тнгдл аз ғам мабош , ҳамчун гул

چو غنچه تنگدل از غم مباش، همچون گل

Пиёлаи гир ки пиромнт нагардад ғам

پیاله گیر که پیرامنت نگردد غم

Гурезад аз дили ошуфта , ғами зи накҳат май

گریزد از دل آشفته، غم ز نکهت می

Чунон ки мекунад аз буии шер , оҳӯи Ром

چنان که می کند از بوی شیر، آهو رم

Алоҷ сӯхтагон нест ҷуз май гулгун

علاج سوختگان نیست جز می گلگون

Шароб , доғи дили лоларо буд марҳам

شراب، داغ دل لاله را بود مرهم

Нишаста то фалаки сифла бар бисоти қимор

نشسته تا فلک سفله بر بساط قمار

Надидаам ки кунад дарди ҳеҷ касро кам

ندیده ام که کند درد هیچ کس را کم

Дарин муҳӣт ки натавон зи бими ҷон дам зад

درین محیط که نتوان ز بیم جان دم زد

Дилами зи забти нафас чун ҳубоб карда варам

دلم ز ضبط نفس چون حباب کرده ورم

Кунун ки қатра ӣ борони зи абри Нитсаоне

کنون که قطره ی باران ز ابر نیسانی

Кунад чу гиря ӣ ошиқи тарашшӯҳӣ ҳар дам ,

کند چو گریه ی عاشق ترشحی هر دم،

Хушаст базми тараби сохтан дар айвонӣ

خوش است بزم طرب ساختن در ایوانی

Ки дар сафо ба биҳишти барин буд тавъам

که در صفا به بهشت برین بود توأم

Спҳрпоиаҳи мақомӣ ки аз баландии қадар

سپهرپایه مقامی که از بلندی قدر

Ба боми чарх , лаби бом ӯ буд ҳамдам

به بام چرخ، لب بام او بود همدم

Шикасти тоқи фалакро , зи бас ки ме гардад

شکست طاق فلک را، ز بس که می گردد

Сутуни арш ба таъзим ҳар сутунаши хам

ستون عرش به تعظیم هر ستونش خم

Дарави нишот салоҳаст чун ба нағмаи усӯл

درو نشاط صلاح است چون به نغمه اصول

Дарави шароб мубоҳаст чун ба гули шабнам

درو شراب مباح است چون به گل شبنم

Гули биҳишти баради рашк бар гули қолӣ

گل بهشت برد رشک بر گل قالی

Ки фарш гашта ҳамеша дарин хуҷастаи ҳарам

که فرش گشته همیشه درین خجسته حرم

Дарави нишоти намояд чу шамъ аз фонӯс

درو نشاط نماید چو شمع از فانوس

Кунад зи даври тамошо чу чашми номаҳрам

کند ز دور تماشا چو چشم نامحرم

зи рашки бода ӣ равшан , фурӯғи меҳр ба тоб

ز رشک باده ی روشن، فروغ مهر به تاب

зи шарми ҷоми тилло , моҳ нав зада пас хам

ز شرم جام طلا، ماه نو زده پس خم

Ситода ҳар тарафии соқёни симини соқ

ستاده هر طرفی ساقیان سیمین ساق

Ба кафи шароб чу дар дасти ҳурёни замзам

به کف شراب چو در دست حوریان زمزم

Фиканда чанги дарави доми суҳбат аз ҳар тор

فکنده چنگ درو دام صحبت از هر تار

Рисондаи авд ба ҳар мағзи сар , бихӯр нъм

رسانده عود به هر مغز سر، بخور نعم

Ба ҷӯши омада аз мастии баҳори нишот

به جوش آمده از مستی بهار نشاط

Чу булбулони нўосоз , мутрибон бо ҳам

چو بلبلان نواساز، مطربان با هم

Пиёлаи дасти бароварда аз барои дуо

پیاله دست برآورده از برای دعا

Ки то ба рӯзи қиёмати дарин хуҷастаи ҳарам ,

که تا به روز قیامت درین خجسته حرم،

Бисоти айшу тараби чидаи боду хон дар вай

بساط عیش و طرب چیده باد و خان در وی

Нишаста ҳамчуи Фаридун , фарози маснади ҷам

نشسته همچو فریدون، فراز مسند جم

Чароғи анҷумани дудмони Мустафавӣ

چراغ انجمن دودمان مصطفوی

Саҳоби гулшани ҷӯад , офтоби авҷи карам

سحاب گلشن جود، آفتاب اوج کرم

Баландмартабаи исломи хони гардуни қадар

بلندمرتبه اسلام خان گردون قدر

Ки сарвар арабасту хдоигони аҷам

که سرور عرب است و خدایگان عجم

Зиҳии сутӯдаи хисолӣ ки фитрати ду ҷаҳон

زهی ستوده خصالی که فطرت دو جهان

Буд чу ақли нахустин ба зоти ту тавъам

بود چو عقل نخستین به ذات تو توأم

Ба ақлу рои ту доим занад замона мисл

به عقل و رای تو دایم زند زمانه مثل

Ба хоки пои ту гардун хӯрд ҳамеша қисм

به خاک پای تو گردون خورد همیشه قسم

Чу ишқ , гавҳари пакети васила ӣ эҷод

چو عشق، گوهر پاکت وسیله ی ایجاد

Чу ҳасан , зоти шарифати хулоса ӣ олам

چو حسن، ذات شریفت خلاصه ی عالم

Ба остони ту хуши улфатии сети мардум ро

به آستان تو خوش الفتی ست مردم را

Магар ки бӯда зи хок дарат гули одам ?

مگر که بوده ز خاک درت گل آدم؟

Шикаст дар саф душман фитад чу хайли нуҷум

شکست در صف دشمن فتد چو خیل نجوم

Ту чун баланд кунӣ ҳамчуи субҳ , теғи дӯдам

تو چون بلند کنی همچو صبح، تیغ دودم

зи бими теғи ту душмани зи паҳни дашти вуҷӯд

ز بیم تیغ تو دشمن ز پهن دشت وجود

Чу гирдбод ба як по гурехт то ба адам

چو گردباد به یک پا گریخت تا به عدم

Сапандро зарар аз шуъла нест чун ёқӯт

سپند را ضرر از شعله نیست چون یاقوت

зи бас ба аҳди ту кӯтоҳи гашти дасти ситам

ز بس به عهد تو کوتاه گشت دست ستم

Ба тарафи дашти зи ороиши замон ту шуд

به طرف دشت ز آرایش زمان تو شد

зи панҷаи шонаи каши мӯии оҳӯони зиғм

ز پنجه شانه کش موی آهوان ضیغم

Пари ҳумо ки саодат баранд азуи мардум

پر هما که سعادت برند ازو مردم

Кунад ба фарқи адуии ту кори теғи дӯдам

کند به فرق عدوی تو کار تیغ دودم

Аҷаб набошад агар барқ аз сиёсати ту

عجب نباشد اگر برق از سیاست تو

Кунад чу тавсани бдчшм , аз сиёҳии Ром

کند چو توسن بدچشم، از سیاهی رم

Чу баҳри шеъри зи коғаз агар сафина кунанд

چو بحر شعر ز کاغذ اگر سفینه کنند

зи ҳифз ту нарасад офатӣ ба ӯ аз нам

ز حفظ تو نرسد آفتی به او از نم

Ба дстбўси ту дар дасти ҷам буд ташна

به دستبوس تو در دست جم بود تشنه

Ақиқ дорад азон дар даҳони худ хотам

عقیق دارد ازان در دهان خود خاتم

Чунон зи қадари ту овоза ӣ бузургон хуфт

چنان ز قدر تو آوازه ی بزرگان خفت

Ки гирди болаши номи шаҳон шудаи сети дирам

که گرد بالش نام شهان شده ست درم

Дар он замон ки ба пушти саманди барқи нажод

در آن زمان که به پشت سمند برق نژاد

Шӯй ба теғи зании ҳамчуи офтоби илм ,

شوی به تیغ زنی همچو آفتاب علم،

зи шарми разми ту он рӯзи рӯ ниҳон созад

ز شرم رزم تو آن روز رو نهان سازد

Чу акси оина аз сафҳаи сӯрати рустам

چو عکس آینه از صفحه صورت رستم

Салим ба ки барам даст бар дуои зини пас

سلیم به که برم دست بر دعا زین پس

Ки аҷз кард маро дар саноӣ ӯ мулзам

که عجز کرد مرا در ثنای او ملزم

Ҳамеша то ки зи наврӯз гуфтугӯ бошад

همیشه تا که ز نوروز گفتگو باشد

Мудом то ки з идаст ном дар олам

مدام تا که ز عید است نام در عالم

Чу зоирони ҳарам аз пай тавоф оянд

چو زایران حرم از پی طواف آیند

Ба остони ту наврӯзу ид аз паии ҳам

به آستان تو نوروز و عید از پی هم