Дилам шукуфта нагардад зи баси ҷаҳон танг аст

دلم شکفته نگردد ز بس جهان تنگ است

Чигуна гул нашавад ғунча , гулистон танг аст

چگونه گل نشود غنچه، گلستان تنگ است

Ба коми худ пару болӣ наметавонам зад

به کام خود پر و بالی نمی توانم زد

Чу мурғи байза ба ман зери осмон танг аст

چو مرغ بیضه به من زیر آسمان تنگ است

Ба ғайри ин ки дувум дар паии ҳумо чаҳ кунам

به غیر این که دوم در پی هما چه کنم

зи тир ӯ ба танами ҷои устихон танг аст

ز تیر او به تنم جای استخوان تنگ است

Шикваи ҳасани ту дар дил маро наме гунҷад

شکوه حسن تو در دل مرا نمی گنجد

Ба моҳтоби ту пероҳани каттон танг аст

به ماهتاب تو پیراهن کتان تنگ است

Ҷараси зи Юсуф мо мекунад магари суханӣ ?

جرس ز یوسف ما می کند مگر سخنی؟

Ки ҷои шукри мисрӣ ба корвон танг аст

که جای شکر مصری به کاروان تنگ است

Салим , вусъати саҳни чаман чаҳ суд диҳад

سلیم، وسعت صحن چمن چه سود دهد

Маро ки ҳамчуи дили ғунчаи ошён танг аст

مرا که همچو دل غنچه آشیان تنگ است