Мазан ба хӯни ман эй пари итоб , истиғно

مزن به خون من ای پر عتاب، استغنا

Ки май параст назд бар шароб , истиғно

که می پرست نزد بر شراب، استغنا

Дилӣ ки дар чамани маҳфили ту раҳ дорад

دلی که در چمن محفل تو ره دارد

Занад ба боғ чу мурғи кабоби истиғно

زند به باغ چو مرغ کباب استغنا

Ба хон фақр буд ҳар ки сайри чашм , занад

به خوان فقر بود هر که سیر چشم، زند

Ба қурси панҷаи каши офтоби истиғно

به قرص پنجه کش آفتاب استغنا

Хушо диёри қаноат ки мезананд атфол

خوشا دیار قناعت که می زنند اطفال

Ба шери доя , шаби моҳтоби истиғно

به شیر دایه، شب ماهتاب استغنا

Макун тавозуъи аҳли замонаро тақсир

مکن تواضع اهل زمانه را تقصیر

Ки кард хона ӣ моро хароби истиғно

که کرد خانه ی ما را خراب استغنا

Салими сӯхти марои тишнагӣ ва бар лаби ҷӯй

سلیم سوخت مرا تشنگی و بر لب جوی

Занад чу мавҷ , лаби ман ба оби истиғно

زند چو موج، لب من به آب استغنا