Биё ки дили зи варақи ҳарфи кӣнаи хоҳии шаст
بیا که دل ز ورق حرف کینه خواهی شست
Сиришк бе ту зи мижгони ман сиёҳии шаст
سرشک بی تو ز مژگان من سیاهی شست
Ҳадиси кавсари он лаб ба Хизр рухсат нест
حدیث کوثر آن لب به خضر رخصت نیست
Забон агарчӣ ба сад оби ҳамчуи моҳии шаст
زبان اگرچه به صد آب همچو ماهی شست
Сиришки дида ӣ перони нишони навмидии сет
سرشک دیده ی پیران نشان نومیدی ست
Ба гиряи дасти зи худ шамъи субҳгоҳии шаст
به گریه دست ز خود شمع صبحگاهی شست
зи поси ранги ҳино , дасти худ наме шӯе
ز پاس رنگ حنا، دست خود نمی شویی
Ба ҳайратам ки зи дунё чигуна хоҳии шаст
به حیرتم که ز دنیا چگونه خواهی شست
Салими пои ғуборӣ чу дар миён ояд
سلیم پای غباری چو در میان آید
наме тавон зи дили онро ба узрхоҳии шаст
نمی توان ز دل آن را به عذرخواهی شست