Ҳумо ба толеъи ман болу пари з бум гирифт

هما به طالع من بال و پر ز بوم گرفت

Насими гул ба раҳами одат сумум гирифт

نسیم گل به رهم عادت سموم گرفت

Ба рӯзи ҳашари турои додхоҳ чандон нест

به روز حشر ترا دادخواه چندان نیست

Ки домани ту тавонам дар он ҳуҷум гирифт

که دامن تو توانم در آن هجوم گرفت

Чу азми ғорат ман кард , аввал аз дастам

چو عزم غارت من کرد، اول از دستم

Ҷунуни ишқи ту сарришта ӣ русум гирифт

جنون عشق تو سررشته ی رسوم گرفت

Фурӯғи ҳасани ту ҳарҷо ки зӯр панҷа намӯд

فروغ حسن تو هرجا که زور پنجه نمود

зи санг , оина ӣ обро ба мум гирифт

ز سنگ، آینه ی آب را به موم گرفت

Салим , монеъи оҳ дилам нашуд носеҳ

سلیم، مانع آه دلم نشد ناصح

Чигуна равзани миҷмари тавон ба мум гирифт ?

چگونه روزن مجمر توان به موم گرفت؟