Имшаби гули шукуфтагии мо ду ранг буд
امشب گل شکفتگی ما دو رنگ بود
Нақли шароб , писта ӣ хандони танг буд
نقل شراب، پسته ی خندان تنگ بود
Соқии зи чеҳраи оина бар рӯй базм дошт
ساقی ز چهره آینه بر روی بزم داشت
Мутриби зи панҷа , шонаи каши зулфи чанг буд
مطرب ز پنجه، شانه کش زلف چنگ بود
Гул аз ҳиҷоби лолаи рухони ҳол ғунча дошт
گل از حجاب لاله رخان حال غنچه داشت
Шукри зи ханда ӣ лаби хубон ба танг буд
شکر ز خنده ی لب خوبان به تنگ بود
намекард муддаӣ ба ман изҳори дӯстӣ
می کرد مدعی به من اظهار دوستی
Имшаби ситораи пунба ӣ доғи паланг буд
امشب ستاره پنبه ی داغ پلنگ بود
Ҳар мавҷ каз муҳӣти пурошӯби рӯзгор
هر موج کز محیط پرآشوب روزگار
Бархест , чун мулоҳиза кардам наҳанг буд
برخاست، چون ملاحظه کردم نهنگ بود
Нанамуд марги ҳеҷ кас аз бими ҷони маро
ننمود مرگ هیچ کس از بیم جان مرا
Авқоти умри ман ҳама чун рӯзи ҷанг буд
اوقات عمر من همه چون روز جنگ بود
Гардад дилами шикастаи зи тундии буии гул
گردد دلم شکسته ز تندی بوی گل
Он рӯзгор рафт ки ин шишаи санг буд
آن روزگار رفت که این شیشه سنگ بود
Чун сӯрати фаранг , нигоҳи ту ом шуд
چون صورت فرنگ، نگاه تو عام شد
Рафт он замон ки арса бар аҳбоби танг буд
رفت آن زمان که عرصه بر احباب تنگ بود
Мавҷи шароб , сайқали он то нашуд салим
موج شراب، صیقل آن تا نشد سلیم
Чун барги ток , оинаам зери занг буд
چون برگ تاک، آینه ام زیر زنگ بود