Ба ғайри кори ҷафо осмон наме донад

به غیر کار جفا آسمان نمی‌داند

Хамӯш бош ки гардун забон наме донад

خموش باش که گردون زبان نمی‌داند

Ба тангнои ҷаҳонами малолу айши яке сет

به تنگنای جهانم ملال و عیش یکی‌ست

Ки мурғи байзаи баҳор ва хазон наме донад

که مرغ بیضه بهار و خزان نمی‌داند

з лутф нест маро гар гузошта сет ба боғ

ز لطف نیست مرا گر گذاشته‌ست به باغ

Ки ошёни маро боғбон наме донад

که آشیان مرا باغبان نمی‌داند

Ҳумои салими марои хушку нотавони дидаи сет

هما سلیم مرا خشک و ناتوان دیده‌ست

Ҳануз лиззати ин устихон наме донад

هنوز لذت این استخوان نمی‌داند