зи дили ғубор ба чашми пар об ме ояд

ز دل غبار به چشم پر آب می‌آید

Ҳамин матоъи зи малик хароб ме ояд

همین متاع ز ملک خراب می‌آید

Мапурс мурғи чаманро ки сӯхтаи сет эй гул ?

مپرس مرغ چمن را که سوخته‌ست ای گل؟

зи оташи ту чу буи кабоб ме ояд

ز آتش تو چو بوی کباب می‌آید

зи фӯти ташнаи лабони раҳи ту дар гӯшам

ز فوت تشنه‌لبان ره تو در گوشم

Садои гиряи зи овоз об ме ояд

صدای گریه ز آواز آب می‌آید

Ба рӯзи ҳашари турои додхоҳ чандон аст

به روز حشر ترا دادخواه چندان است

Ки хӯни мо зи куҷо дар ҳисоб ме ояд

که خون ما ز کجا در حساب می‌آید

Савор чун шӯй аз боғ то сари бозор

سوار چون شوی از باغ تا سر بازار

Гули пиёдаи туро дар рикоб ме ояд

گل پیاده ترا در رکاب می‌آید

Чароғи доғи зи ишқ ту мешавад равшан

چراغ داغ ز عشق تو می‌شود روشن

Ба ҷӯии захми зи теғи ту об ме ояд

به جوی زخم ز تیغ تو آب می‌آید

Алоҷи дарди дили мо з туаст эй соқӣ

علاج درد دل ما ز توست ای ساقی

Каз оби дасти ту буи гулоб ме ояд

کز آب دست تو بوی گلاب می‌آید

зи шавқи марг , нишот аз малол нашиносам

ز شوق مرگ، نشاط از ملال نشناسم

Ки ҳуш нест касеро ки хоб ме ояд

که هوش نیست کسی را که خواب می‌آید

Салими ин қадар аз тавба ту ме донам

سلیم این قدر از توبهٔ تو می‌دانم

Ки аз даҳони ту буи шароб меояд !

که از دهان تو بوی شراب می‌آید!