намехӯрам хӯн ки ҳинои он кафи по май бӯсад
میخورم خون که حنا آن کف پا میبوسد
Лаби ман ташна онасту ҳино май бӯсад
لب من تشنهٔ آن است و حنا میبوسد
Дасти бӯси ту касеро ки муяссар бошад
دست بوس تو کسی را که میسر باشد
Ёрб онро зи куҷо то ба куҷо май бӯсад
یارب آن را ز کجا تا به کجا میبوسد
Гар шафоат накунад хӯни гирифторон ро
گر شفاعت نکند خون گرفتاران را
Пой ӯро з чаҳ он зулфи ду то май бӯсад
پای او را ز چه آن زلف دو تا میبوسد
Хизрро мо нашносем , биё эй соқӣ
خضر را ما نشناسیم، بیا ای ساقی
Ки лаби ташнаи мо дасти туро май бӯсад
که لب تشنهٔ ما دست ترا میبوسد
Дӯш мегуфт ба ёрон ки бибинед салим
دوش میگفت به یاران که ببینید سلیم
Ки лаби ҷом майу гуҳи лаби мо май бӯсад !
که لب جام می و گه لب ما میبوسد!