Чу ҳасани сабзи таманноӣ аҳл дид буд

چو حسن سبز تمنای اهل دید بود

Мабош гӯ ба чамани гул чу сарву бед буд

مباش گو به چمن گل چو سرو و بید بود

Ба базми шавқ , паии об хӯрдани дили мо

به بزم شوق، پی آب خوردن دل ما

Суфоли сабз ба аз чинии сифед буд

سفال سبز به از چینی سفید بود

Фалак чигуна кушояди дарӣ ба рӯй касе

فلک چگونه گشاید دری به روی کسی

Ки ҳар ситора ӣ ӯ қуфл бекалид буд

که هر ستاره ی او قفل بی کلید بود

Кадоми файз ки дар маҳфил муҳаббат нест

کدام فیض که در محفل محبت نیست

Чароғи кушта ӣ ин анҷумани шаҳид буд

چراغ کشته ی این انجمن شهید بود

Туро ки фасл шабобаст ҷом ме магузор

ترا که فصل شباب است جام می مگذار

Ки май ба дасти ҷавонони ҳинои ид буд

که می به دست جوانان حنای عید بود

Салимро з ҷунун нест бими кушта шудан

سلیم را ز جنون نیست بیم کشته شدن

Ки масти ишқи турои теғ , барги бед буд

که مست عشق ترا تیغ، برگ بید بود