Ишқи ошӯби дилу ҷӯши дарун май орад
عشق آشوب دل و جوش درون میآرد
Гули ин боғи набавӣӣ ки ҷунун май орад
گل این باغ نبویی که جنون میآرد
Дорад обии чамани ишқ ки як қатра аз ӯ
دارد آبی چمن عشق که یک قطره از او
Мурғ то хӯрд зи пои риштаи бурун май орад
مرغ تا خورد ز پا رشته برون میآرد
Ҳар сари мӯӣ аз он зулфи парешони роҳии сет
هر سر موی از آن زلف پریشان راهیست
Ки сар аз кӯчаи занҷири бурун май орад
که سر از کوچهٔ زنجیر برون میآرد
Ҳасани мағрур ба ин нозу назокат ёрб
حسن مغرور به این ناز و نزاکت یارب
Тоби ҳам суҳбатии оина чун май орад ?
تاب همصحبتی آینه چون میآرد؟
Сӯхтам аз ғами дили ҳам нафасон , ме байнед
سوختم از غم دل همنفسان، میبینید
Ки чаҳҳо бар серуми ин қатраи хӯн май орад
که چهها بر سرم این قطرهٔ خون میآرد
Ҷӯш зад доғи дилу шӯри ҷунунами афзуд
جوش زد داغ دل و شور جنونم افزود
Шуъларо фасли гули пунбаи ҷунун май орад
شعله را فصل گل پنبه جنون میآرد
Ман на онам ки забунии кашам аз чарх , салим
من نه آنم که زبونی کشم از چرخ، سلیم
Ин балоҳо ба серуми бахти забун май орад
این بلاها به سرم بخت زبون میآرد