Чашми туами зи ҳуш туҳидаст ме кунад

چشم توام ز هوش تهیدست می کند

Як серумаи дони шароб , маро маст мекунад !

یک سرمه دان شراب، مرا مست می کند!

Манъам макун ки гиря ӣ мастонаро дилам

منعم مکن که گریه ی مستانه را دلم

Чунон ки май ба ҷом ва сабу ҳаст , ме кунад

چنان که می به جام و سبو هست، می کند

Ором , созгори асирон ишқ нест

آرام، سازگار اسیران عشق نیست

Булбули фиғон ба шох чу бинишаст , ме кунад

بلبل فغان به شاخ چو بنشست، می کند

Фарёд шуд зи хона ӣ ҳамсоягони баланд

فریاد شد ز خانه ی همسایگان بلند

Мутриби зи бас ки замзамаро паст ме кунад

مطرب ز بس که زمزمه را پست می کند

Он боғбон ки ҳиммати худро баланд кард

آن باغبان که همت خود را بلند کرد

Девор агар кунад ба чаман , паст ме кунад

دیوار اگر کند به چمن، پست می کند

Сӯзи дилами зи обила лашкар кашида аст

سوز دلم ز آبله لشکر کشیده است

Ҳарҷо ки рӯ наад чу каф даст ме кунад

هرجا که رو نهد چو کف دست می کند

То кардаанд нисбат ӯро ба гули салим

تا کرده اند نسبت او را به گل سلیم

Буии гулам чу мурғи чаман маст ме кунад

بوی گلم چو مرغ چمن مست می کند