Дилам чу лола дар атрофи боғ май рақсад
دلم چو لاله در اطراف باغ میرقصد
Ҷунуни зи буии гулам дар димоғ май рақсад
جنون ز بوی گلم در دماغ میرقصد
Усӯли доираи рӯзгор хориҷ нест
اصول دایرهٔ روزگار خارج نیست
Ба маҷлисӣ ки чу мисатони аёғ май рақсад
به مجلسی که چو مستان ایاغ میرقصد
зи шеванӣ ки кунам , бахти ман чаҳ ғам дорад
ز شیونی که کنم، بخت من چه غم دارد
Чу андалеб кунад нола , зоғ май рақсад
چو عندلیب کند ناله، زاغ میرقصد
Чароғи дида аз ӯ гашти равшан ва аз завқ
چراغ دیده از او گشت روشن و از ذوق
Мижа ба дида чу дӯди чароғ май рақсад
مژه به دیده چو دود چراغ میرقصد
Самоъи ман буд аз изтироби ишқи салим
سماع من بود از اضطراب عشق سلیم
Сапанди оташ , кӣ аз фироқ май рақсад
سپند آتش، کی از فراغ میرقصد