Гулистонро сарви нўхизи қадаш обод кард
گلستان را سرو نوخیز قدش آباد کرد
Фитнаро шогирдии мижгон ӯ устод кард
فتنه را شاگردی مژگان او استاد کرد
Бас ки мурғони чаман аз дом ӯ тарсида анд
بس که مرغان چمن از دام او ترسیده اند
Сарвро қамарии хаёли соя ӣ сайёд кард
سرو را قمری خیال سایه ی صیاد کرد
Ҷой мотам нест чун рӯз шаҳодат ме расад
جای ماتم نیست چون روز شهادت می رسد
Ид қурбонаст , май бояд мборкбод кард
عید قربان است، می باید مبارکباد کرد
намекунам чандон ки фикри ошноёни ватан
می کنم چندان که فکر آشنایان وطن
Нест дар ёдам касе кӯро тавонам ёд кард
نیست در یادم کسی کو را توانم یاد کرد
Аз хасу хорӣ ки булбулро зи гул дар дили шикаст
از خس و خاری که بلبل را ز گل در دل شکست
Ошёнӣ метавонад баҳри худ обод кард
آشیانی می تواند بهر خود آباد کرد
Бар варақи сад сӯрати ширини кашами ҳрдми салим
بر ورق صد صورت شیرین کشم هردم سلیم
Ишқ дар дастами қаламро теша ӣ Фарҳод кард
عشق در دستم قلم را تیشه ی فرهاد کرد