Намонад бода ва он тундху наме ояд

نماند باده و آن تندخو نمی‌آید

Баҳор омад ва гул рафт ва ӯ наме ояд

بهار آمد و گل رفت و او نمی‌آید

Хумори ҳамчуи маниро шикастан осон нест

خمار همچو منی را شکستن آسان نیست

Куҷост хам ки зи даст сабу наме ояд

کجاست خم که ز دست سبو نمی‌آید

Чаҳ суди ҷилваи хубон , ки аз ҳиҷоби маро

چه سود جلوهٔ خوبان، که از حجاب مرا

Назар бар оина кардани з рӯ наме ояд

نظر بر آینه کردن ز رو نمی‌آید

Чу фохта накунам ёди нолае ҳаргиз

چو فاخته نکنم یاد ناله‌ای هرگز

Ки мавҷи серумаи зи дил то гулӯ наме ояд

که موج سرمه ز دل تا گلو نمی‌آید

зи шӯхи чашмии гулҳои ин чаман , булбул

ز شوخ‌چشمی گل‌های این چمن، بلبل

зи бас китар шуда , парвоз азу наме ояд

ز بس که تر شده، پرواز ازو نمی‌آید

Салими мушкил агар уфтадам гузар ба ватан

سلیم مشکل اگر افتدم گذر به وطن

Ба сӯии чашма дигар об ҷӯ наме ояд

به سوی چشمه دگر آب جو نمی‌آید