Хурӯши фитнае аз рӯзгор ме ояд

خروش فتنه‌ای از روزگار می‌آید

Чу бонги сайл ки аз кӯҳсор ме ояд

چو بانگ سیل که از کوهسار می‌آید

Сафои дили талабӣ , чашм аз ҷаҳон барбанд

صفای دل طلبی، چشم از جهان بربند

Ки рахнае сет каз ӣнҷо ғубор ме ояд

که رخنه‌ای‌ست کز اینجا غبار می‌آید

зи чӯби авд буд киштии Фнотлбон

ز چوب عود بود کشتی فناطلبان

Ки ҳарчӣ ғарқ шавад зон , ба кор ме ояд

که هرچه غرق شود زان، به کار می‌آید

Ҷунуни зи сабзаи хати ту дар серум гул кард

جنون ز سبزهٔ خط تو در سرم گل کرد

Ки аз хазони ту буи баҳор ме ояд

که از خزان تو بوی بهار می‌آید

Гарм ба васли расонади салим , нест аҷаб

گرم به وصل رساند سلیم، نیست عجب

Ки ҳарчӣ гӯйии азин рӯзгор ме ояд

که هرچه گویی ازین روزگار می‌آید