Ғубори ғами зи абри навбаҳорӣ дар ҷаҳон гум шуд

غبار غم ز ابر نوبهاری در جهان گم شد

Қадаҳро бар замин магузор соқии космон гум шуд

قدح را بر زمین مگذار ساقی کآسمان گم شد

Дар он зулф аз заъифӣ медиҳад оҳами нишон аз дил

در آن زلف از ضعیفی می دهد آهم نشان از دل

Ки сӯзан мешавад пайдо чу шаб бо ресмон гум шуд

که سوزن می شود پیدا چو شب با ریسمان گم شد

Алоҷи доғ дил кардем аммо дарди пинҳон ро

علاج داغ دل کردیم اما درد پنهان را

Раҳи берун шудан аз кӯчаҳои устихон гум шуд

ره بیرون شدن از کوچه های استخوان گم شد

зи шӯри андалебони сарву гул дар рақс ме оянд

ز شور عندلیبان سرو و گل در رقص می آیند

Чамани ранг дигар пайдо кунад чун боғбон гум шуд

چمن رنگ دگر پیدا کند چون باغبان گم شد

Ба базми васли худ то чанд май гӯйии марои гуми шӯ

به بزم وصل خود تا چند می گویی مرا گم شو

На симобам , миёни анҷуман чун ме тавон гум шуд ?

نه سیمابم، میان انجمن چون می توان گم شد؟

Абаси хоки ватан аз интизорами чашм бар роҳ аст

عبث خاک وطن از انتظارم چشم بر راه است

Ки анқо то қадами беруни ниҳод аз ошён , гум шуд

که عنقا تا قدم بیرون نهاد از آشیان، گم شد

Талабкори сухани ишқу забон аз шарм хомӯш аст

طلبکار سخن عشق و زبان از شرم خاموش است

Чу пайдо шуд харидорӣ , калиди ин дукон гум шуд

چو پیدا شد خریداری، کلید این دکان گم شد

Ҷаҳон бе ихтиёри оромгоҳи аҳл дил бошад

جهان بی‌اختیار آرامگاه اهل دل باشد

Ки шаб манзил шавад , ҳарҷо ки роҳи корвон гум шуд

که شب منزل شود، هرجا که راه کاروان گم شد

зи бими зиндагӣ бар ҷони назар дар ҳашари нгшоим

ز بیم زندگی بر جان نظر در حشر نگشایم

Нагӯяд то замин аз ҷой рафту осмон гум шуд

نگوید تا زمین از جای رفت و آسمان گم شد

Ғулому поҷии Ҳиндӯстон аз форсии гуфтан

غلام و پاجی هندوستان از فارسی گفتن

намедонанд ҳарфии ғайр ин бишикаст ва он гум шуд !

نمی‌دانند حرفی غیر این بشکست و آن گم شد!

Салими ин дар ҷавоби сҳрпрдозӣ ки ме гуяд

سلیم این در جواب سحرپردازی که می‌گوید

Китоби ҳасанро ҷузви муҳаббат аз миён гум шуд

کتاب حسن را جزو محبت از میان گم شد