Баҳор рафту дил аз абр комёб нашуд
بهار رفت و دل از ابر کامیاب نشد
Пиёла Эй нагирифтам ки офтоб нашуд
پیاله ای نگرفتم که آفتاب نشد
Ҳалоки ҳиммат мурғӣ шавам дарин гулшан
هلاک همت مرغی شوم درین گلشن
Ки ҷуз ба шуъла ӣ овози худ кабоб нашуд
که جز به شعله ی آواز خود کباب نشد
Чаҳ рӯз буд ки даврони асоси ишқи ниҳод
چه روز بود که دوران اساس عشق نهاد
Ҷаҳон хароб шуд ва ин банно хароб нашуд
جهان خراب شد و این بنا خراب نشد
Ҳадисӣ аз лаби лаълаш дар анҷуман нагузашт
حدیثی از لب لعلش در انجمن نگذشت
Ки ҷому шиша ӣ холии пар аз шароб нашуд
که جام و شیشه ی خالی پر از شراب نشد
зи баси зи нисбати мо рӯзгорро нанг аст
ز بس ز نسبت ما روزگار را ننگ است
Бар оташӣ наниҳодем дил ки об нашуд
بر آتشی ننهادیم دل که آب نشد
Дилам ба ёди лабати нолае ба боғ накард
دلم به یاد لبت ناله ای به باغ نکرد
Ки ғунча чун дили мурғи чаман кабоб нашуд
که غنچه چون دل مرغ چمن کباب نشد
Ҳилол азон дили худ эй савор маст хӯрд
هلال ازان دل خود ای سوار مست خورد
Ки ҳеҷ вақти турои ҳоҷат рикоб нашуд
که هیچ وقت ترا حاجت رکاب نشد
Надошт дар ғами ишқи ту гиряи фоида Эй
نداشت در غم عشق تو گریه فایده ای
Алоҷи дардисари мо азин гулоб нашуд
علاج دردسر ما ازین گلاب نشد
Салими ин ғазали тарҳӣ аз куҷо омад
سلیم این غزل طرحی از کجا آمد
Ки мисраии зи дусади байт интихоб нашуд ( ? )
که مصرعی ز دوصد بیت انتخاب نشد (؟)