Зоҳид аз рашки ин қадари гарми итоб мо мабош
زاهد از رشک این قدر گرم عتاب ما مباش
Гар тавон фикр шаробӣ кун , кабоб мо мабош
گر توان فکر شرابی کن، کباب ما مباش
Матлабӣ дар гуфтугӯии мардум девона нест
مطلبی در گفتگوی مردم دیوانه نیست
Ҳамчуи махмал дар паии таъбири хоб мо мабош
همچو مخمل در پی تعبیر خواب ما مباش
Нисбати мо май барад аз чеҳраи ранги эътибор
نسبت ما می برد از چهره رنگ اعتبار
Гар ҳисобии дорӣ аз худ , дар ҳисоб мо мабош
گر حسابی داری از خود، در حساب ما مباش
Хоксории пеш мағрурон надорад эътибор
خاکساری پیش مغروران ندارد اعتبار
Зарра бош , аммо асири офтоб мо мабош
ذره باش، اما اسیر آفتاب ما مباش
Қатра ӣ мо кори сад дарёӣ раҳмат ме кунад
قطره ی ما کار صد دریای رحمت می کند
эй гиёҳи ташна , навмед аз саҳоб мо мабош
ای گیاه تشنه، نومید از سحاب ما مباش
Дар Аннан ӯ назар кардам ба сӯии моҳи нав
در عنان او نظر کردم به سوی ماه نو
Гуфт эй девонаи дигар дар рикоб мо мабош
گفت ای دیوانه دیگر در رکاب ما مباش
Аз ҷунун бошад агар мо гуфтугӯе ме кунем
از جنون باشد اگر ما گفتگویی می کنیم
Нестии девона , дар банди ҷавоб мо мабош
نیستی دیوانه، در بند جواب ما مباش
Ҷои ханҷари ъшқбозони туро дар сина нест
جای خنجر عشقبازان ترا در سینه نیست
Мо нҳнгоним , гӯи моҳӣ дар об мо мабош
ما نهنگانیم، گو ماهی در آب ما مباش
Мо чу биҳушем аз кайфияти он лаби салим
ما چو بیهوشیم از کیفیت آن لب سلیم
Хандаи гӯи биҳўшдорўии шароб мо мабош
خنده گو بیهوشداروی شراب ما مباش