Чаманиро ки буд хуррамӣ аз рухсораш

چمنی را که بود خرمی از رخسارش

Чун гули чашми зи дил об хӯрд ҳар хораш

چون گل چشم ز دل آب خورد هر خارش

Рашки шарти раҳ ишқаст , ба вақти шабгир

رشک شرط ره عشق است، به وقت شبگیر

Гар буд пои ту дар хоб , макун бедораш !

گر بود پای تو در خواب، مکن بیدارش!

Чамани дӯстии он гӯнаи назокат хез аст

چمن دوستی آن گونه نزاکت خیز است

Каз ғубори дили ҳубоб буд девораш

کز غبار دل حباب بود دیوارش

Зинат онаст ки бо хеши тавон барад ба хок

زینت آن است که با خویش توان برد به خاک

Дами охири кафан субҳ шавад дастораш

دم آخر کفن صبح شود دستارش

Шоди гирдам чу дил аз дӯст кунад шикваи салим

شاد گردم چو دل از دوست کند شکوه سلیم

Чун табибӣ ки даройад ба сухани бемораш

چون طبیبی که درآید به سخن بیمارش