Чу сӯсан аз ҳадиси орзӯии дили забони бастам
چو سوسن از حدیث آرزوی دل زبان بستم
Чу захм ба шудаи чашм аз тамошои ҷаҳони бастам
چو زخم به شده چشم از تماشای جهان بستم
Надорам бар баҳори ин чамани дилбастагии чандон
ندارم بر بهار این چمن دلبستگی چندان
Ҳино чун гул ба дасти хеш аз барги хазони бастам
حنا چون گل به دست خویش از برگ خزان بستم
Фаровони ошиқонро дасти бастаи барад аз майдон
فراوان عاشقان را دست بسته برد از میدان
Ман охир бо каманди оҳ , дасти осмони бастам
من آخر با کمند آه، دست آسمان بستم
намедонам дарин гулшани ту аз даст ки май нолӣ
نمی دانم درین گلشن تو از دست که می نالی
Ки ман зуннор эй қамарии зи дасти боғбони бастам
که من زنار ای قمری ز دست باغبان بستم
Чу булбули бас ки хоки ин гулистон дилнишинам шуд
چو بلبل بس که خاک این گلستان دلنشینم شد
Дили худро ба ҳар шохӣ ба ҷои ошёни бастам
دل خود را به هر شاخی به جای آشیان بستم
Сабои охири шамеми перҳанро сӯии канъони барад
صبا آخر شمیم پیرهن را سوی کنعان برد
Ба афсуни муҳаббат гарчи роҳи корвони бастам
به افسون محبت گرچه راه کاروان بستم
Ба ойин хамӯшон ман ҷадал бо хасм хоҳам кард
به آیین خموشان من جدل با خصم خواهم کرد
Сипар кардам зи гӯши хешу шамшери забони бастам
سپر کردم ز گوش خویش و شمشیر زبان بستم
Брҳмн дар қиёмат низ хоҳад хизмат бут кард
برهمن در قیامت نیز خواهد خدمت بت کرد
зи бас дар соъати сангинӣ ӯро ман миёни бастам
ز بس در ساعت سنگینی او را من میان بستم
Салим аз даст нагузорам пас аз мурдани анонаш ро
سلیم از دست نگذارم پس از مردن عنانش را
Ҳама банданд бар фитроки сар , ман бо Аннани бастам
همه بندند بر فتراک سر، من با عنان بستم