Дарин раҳ эй Хизр аз хор по наме мерай

درین ره ای خضر از خار پا نمی‌میری

Турои гумон ки зи об бақо наме мерай

ترا گمان که ز آب بقا نمی‌میری

Замона ростӣам ёд дод ва гуфт чу Хизр

زمانه راستی‌ام یاد داد و گفت چو خضر

Ба даст то будат ин Асо наме мерай

به دست تا بودت این عصا نمی‌میری

Чу дар муҳӣт таъаллуқ намардӣ эй дарвеш

چو در محیط تعلق نمردی ای درویش

зи мавҷ бехатар бӯрё наме мерай

ز موج بی‌خطر بوریا نمی‌میری

зи ҷоми ишқ агар оби зиндагии нӯшӣ

ز جام عشق اگر آب زندگی نوشی

Чу шуъла дар даҳан аждаҳо наме мерай

چو شعله در دهن اژدها نمی‌میری

Чунин ки заҳр ба кори ту устихонам кард

چنین که زهر به کار تو استخوانم کرد

Ба ҳайратам ки чаро эй ҳумо наме мерай

به حیرتم که چرا ای هما نمی‌میری

Ба баҳри ишқ чаҳ кораст эй наҳанги туро

به بحر عشق چه کار است ای نهنگ ترا

Ба марги хеш чу моҳӣ чаро наме мерай

به مرگ خویش چو ماهی چرا نمی‌میری

Стмкшони ҳама аз ҷаврат эй фалак марданд

ستمکشان همه از جورت ای فلک مردند

Ту аз барои чаҳ эй бевафо наме мерай

تو از برای چه ای بی‌وفا نمی‌میری

Ба дарди ишқ чу набзам Масеҳ дид салим

به درد عشق چو نبضم مسیح دید سلیم

Ба ханда гуфт маро марҳабо наме мерай

به خنده گفت مرا مرحبا نمی‌میری