з рӯй дил чаҳ бар аҳли ҳаваси ойӣна май дорӣ

ز روی دل چه بر اهل هوس آیینه می‌داری

Чу гул то чанд пеши хору хаси ойӣна май дорӣ

چو گل تا چند پیش خار و خس آیینه می‌داری

Дар он дил , мо ва душман ҳамнишин икдгр гаштем

در آن دل، ما و دشمن همنشین یکدگر گشتیم

Чунин бошад чу бар рӯй ду каси ойӣна май дорӣ

چنین باشد چو بر روی دو کس آیینه می‌داری

зи завқи ҳасани худ чун дар мақоми ҷилва май ое

ز ذوق حسن خود چون در مقام جلوه می‌آیی

Чу товусони маст аз пеш ва пас ойӣна май дорӣ

چو طاووسان مست از پیش و پس آیینه می‌داری

Ба ҳарфи ҳиҷр дар васлами зи хеши огоҳ май созӣ

به حرف هجر در وصلم ز خویش آگاه می‌سازی

Ба рӯй маст аз теғи асаси ойӣна май дорӣ

به روی مست از تیغ عسس آیینه می‌داری

зи дилтангии бурунами ор ва он гуҳ рӯй худ бинмо

ز دلتنگی برونم آر و آن گه روی خود بنما

Чу тӯтӣ то кӣми пеши қафаси ойӣна май дорӣ

چو طوطی تا کِیَم پیش قفس آیینه می‌داری

Надорад мардуми чашмами рамақи дигар , чаро эй дил

ندارد مردم چشمم رمق دیگر، چرا ای دل

зи айнак ҳар замонаш бар нафаси ойӣна май дорӣ

ز عینک هر زمانش بر نفس آیینه می‌داری

Ба васл ӯ салими изҳори шавқ аз аблаҳӣ бошад

به وصل او سلیم اظهار شوق از ابلهی باشد

зи боли худ ба анқо эй магаси ойӣна май дорӣ

ز بال خود به عنقا ای مگس آیینه می‌داری