Сари савдои сари зулфи ту то дар сармост
سر سودای سر زلف تو تا در سرماست
Ҳамчуи мӯяти дили савдоеи мо бесар ва пост
همچو مویت دل سودایی ما بیسر و پاست
Мо чу мӯии ту ҳамаи ҳалқаи бгўшт шуда ем
ما چو موی تو همه حلقه بگوشت شدهایم
Ҳалқаи мӯии парешони ту сари ҳалқаи мост
حلقه موی پریشان تو سر حلقه ماست
Мӯ ба мӯи ҳоли парешоне мо ме гуяд
مو به مو حال پریشانی ما میگوید
Мӯ ба мӯи сари зулф ки бад-ӣни ҳоли гўост
مو به مو سر زلف که بدین حال گواست
Як сари мӯи назарӣ бо дил дрўоим кун !
یک سر مو نظری با دل دروایم کن!
эй ки аз ҳар сари мӯии ту дилии андрўост
ای که از هر سر موی تو دلی اندرواست
Гуфтае як сари мӯят ба ҷаҳонии неи не
گفتهای یک سر مویت به جهانی نی نی
ӣа сари мӯии туро ҳар ду ҷаҳонам ним баҳост
یه سر موی تو را هر دو جهانم نیم بهاست
Шомро тирагӣ аз мӯии ту май бояд барад
شام را تیرگی از موی تو میباید برد
Субҳро равшанӣ аз рӯй ту май бояд хост
صبح را روشنی از روی تو میباید خواست
Ҳар саҳари миҷмараи буии ту дар дасти шимол
هر سحر مجمره بوی تو در دست شمال
Ҳар нафаси слсаҳи мӯии ту дар даст сабост
هر نفس سلسه موی تو در دست صباست
Анбари хати ту бар даври қамари доираи соз
عنبر خط تو بر دور قمر دایره ساز
Сунбули мӯии ту бар барги саман ғолия сост
سنبل موی تو بر برگ سمن غالیه ساست
намекунад сркшои он мӯии Фрўмгзорш
میکند سرکشا آن موی فرومگذارش
Ки дар он саркашии ошӯбу парешоне ҳост
که در آن سرکشی آشوب و پریشانیهاست
Накушояд ба ҷуз аз мӯии миёни ту зҳич
نگشاید به جز از موی میان تو زهیچ
Кори салмон ки фурӯи бастаи тиз аз банд қабост
کار سلمان که فرو بستهتز از بند قباست
Нисбати мӯии ту бо машк на роеаст савоб
نسبت موی تو با مشک نه رایی است صواب
Балки савдои пароканда ва тадбир хатост
بلکه سودای پراکنده و تدبیر خطاست
Машк бо ҳалқаи мӯяти сар савдо дорад
مشک با حلقه مویت سر سودا دارد
Каж хаёлӣаст магари машки хаторо савдост
کژ خیالی است مگر مشک خطا را سوداست
Бӯаст чун нофаи гарми бозкнӣ яксар мӯат
بوست چون نافه گرم بازکنی یکسر موت
Накунам бози баҳри нофа ки дар чин ва хатост
نکنم باز بهر نافه که در چین و خطاست
Ранги рухсори туро сӯсану гули ту бар ту
رنگ رخسار تو را سوسن و گل تو بر تو
Мӯии гесуии туро шеъри сияҳ то бртост
موی گیسوی تو را شعر سیه تا برتاست
Дар серум ҳаст ки чун мӯии ту каҷ биншинам
در سرم هست که چون موی تو کج بنشینم
Вази руху қад ту гӯям сухани равшану рост
وز رخ و قد تو گویم سخن روشن و راست
Акси рӯяти зи саводи зираи мӯии сиёҳ
عکس رویت ز سواد زره موی سیاه
Чун фурӯғи зафари парчам султон пайдост
چون فروغ ظفر پرچم سلطان پیداست
Шоҳи дилшоди сару сарвари шоҳони ҷаҳон
شاه دلشاد سر و سرور شاهان جهان
Каз ҷаҳони омада бар сари суханаш мӯ осост
کز جهان آمده بر سر سخنش مو آساست
Аксӣ аз байрақ ӯ , ғарраи ғрои сабоҳ
عکسی از بیرق او، غره غرای صباح
Мӯе аз парчам ӯ , турраи мишкӣни мсост
مویی از پرچم او، طره مشکین مساست
эй ки бо арсаи малики ту ҷаҳони як срмўст !
ای که با عرصه ملک تو جهان یک سرموست!
Вай ки бо партав рӯй ту қамар кам зсҳост !
وی که با پرتو روی تو قمر کم زسهاست!
Наъли шбрнги ту мўбнди арӯсони биҳишт
نعل شبرنگ تو موبند عروسان بهشت
Гар дахилати ттқ парда нишинон сҳост
گر دخیلت تتق پرده نشینان سهاست
Калак бе рои ту ҳарфии натавонади бнгошт
کلک بیرای تو حرفی نتواند بنگاشت
Теғ бе ҳукми ту як мӯӣ наёрад перост
تیغ بیحکم تو یک موی نیارد پیراست
Калакро бо сифати фикри ту мӯии андари сар
کلک را با صفت فکر تو موی اندر سر
Барқро бо равиши азми ту хорондр пост
برق را با روش عزم تو خاراندر پاست
Гоҳ дар ҳали ҳақоиқи ?назарети мӯии шикофт
گاه در حل حقایق نظرت موی شکافت
Гоҳ дар кашфи ҳақоиқи қаламати чеҳраи гшост
گاه در کشف حقایق قلمت چهره گشاست
Ҳаркиро як сари мӯи кини ту дар дил бинишаст
هرکه را یک سر مو کین تو در دل بنشست
Як ба як мӯии зи андом ба кинаш бархест
یک به یک موی ز اندام به کینش برخاست
Чангро мӯии кашони барад ва пас пардаи нишонд
چنگ را موی کشان برد و پس پرده نشاند
Ғайрати адли ту то дид ки перӣ равост
غیرت عدل تو تا دید که پیری رواست
Дам ба дами оинаро рӯй сияҳи бод чу мӯӣ
دم به دم آینه را روی سیه باد چو موی
Дар замони ту баннои муҳаррам агар рӯй намост
در زمان تو بنا محرم اگر روی نماست
намечакад аз бен ҳар мӯии ду сад қатраи арақ
میچکد از بن هر موی دو صد قطره عرق
Абрро бас ки з бар кафи даст ту ҳаёст
ابر را بس که ز بر کف دست تو حیاست
Яд Байзоӣ кулемаст туро каз асараш
ید بیضای کلیم است تو را کز اثرش
Бар тани хасми ту ҳар мӯии яке аждрҳост
بر تن خصم تو هر موی یکی اژدرهاست
Ҳамчуи мӯии сари қробаҳ ки май полоид
همچو موی سر قرابه که میپالاید
Аз зҷоҷии мижаи душмани ту хӯни полост
از زجاجی مژه دشمن تو خون پالاست
Чарх на ту сар бӯсидан поят дорад
چرخ نه تو سر بوسیدن پایت دارد
Пушт чун мӯии сари зулфаш аз он рӯй дўтост
پشت چون موی سر زلفش از آن روی دوتاست
Даст барбаста чу авдаст мухолиф бизанаш
دست بربسته چو عودست مخالف بزنش
Гар наад як сари мӯии пои бурун аз чапу рост
گر نهد یک سر موی پای برون از چپ و راست
Боди азмати паи фитна ба икдм шаканд
باد عزمت په فتنه به یکدم شکند
Гарчи анбӯҳтар аз мӯӣ батон яғмост
گرچه انبوهتر از موی بتان یغماست
Қосирам дар сифатат гарчи ба мадҳи ту маро
قاصرم در صفتت گرچه به مدح تو مرا
Ҳар сари мӯӣ бар андом забонӣ гуёст
هر سر موی بر اندام زبانی گویاست
намечакад оби зи мӯи шеъри термро ки басӣ
میچکد آب ز مو شعر ترم را که بسی
Табъи ман ғӯта фикрат зада дар баҳр саност
طبع من غوطه فکرت زده در بحر ثناست
Ҷомае бофтаам бар қади мадҳи ту зи мӯӣ
جامهای بافتهام بر قد مدح تو ز موی
Бихари ин ҷомаи зебо ки ба аз сад дебост
بخر این جامه زیبا که به از صد دیباست
Дар пас гӯш манеҳ дар ҳадисам чун мӯӣ
در پس گوش منه در حدیثم چون موی
Ҷой дар гӯш худаш кун ки бад-ӣн поя сазост
جای در گوش خودش کن که بدین پایه سزاست
Норавоеи чунин шеър ба ҳар ҳоли раво
ناروایی چنین شعر به هر حال روا
Набӯд хоссаи дарин фасл ки мўинаҳ равост
نبود خاصه درین فصل که موینه رواست
Шеъри ман банда чу мӯӣасту камоли суханам
شعر من بنده چو موی است و کمال سخنم
Рост мӯеаст ки дар айни камол шеър аст
راست مویی است که در عین کمال شعر است
Аз саноеъ ба бадоеъи сухан ороста ам
از صنایع به بدایع سخن آراستهام
Ғззи бандаи азин шеър на мӯе танҳост
غزض بنده ازین شعر نه مویی تنهاست
Ман ки пурвои сари риш худам нест зи фикр
من که پروای سر ریش خودم نیست ز فکر
Сари савдои суханҳои чу мӯем з куҷост ?
سر سودای سخنهای چو مویم ز کجاست؟
Ҷой онаст ки чун калаки тарошами сар ва рӯй
جای آن است که چون کلک تراشم سر و روی
Ки зи мӯ бар сари калаки омадаи сад гӯна балост
که ز مو بر سر کلک آمده صد گونه بلاست
Хотири оинаи симои ман андари паии мӯат
خاطر آینه سیمای من اندر پی موت
Гарчи чун шонаи тарошидаи зи сар чандин пост
گرچه چون شانه تراشیده ز سر چندین پاست
Гарчи имрӯз сияҳ гаштау барҳами ҷуста
گرچه امروز سیه گشته و برهم جسته
Ҳамчуи мӯии сари зангии тани мо аз сармост
همچو موی سر زنگی تن ما از سرماست
Офтобӣ ба ту гармаст марои пушти умед
آفتابی به تو گرم است مرا پشت امید
Сард бошад ки кунам ҷомаи мӯеи дархост
سرد باشد که کنم جامه مویی درخواست
намезад аз баҳри тароши астараи сон бар сари санг
میزد از بهر تراش استره سان بر سر سنگ
Ҳарки ӯ кард забони тезу зи каси мӯеи хост
هرکه او کرد زبان تیز و ز کس مویی خواست
Бар сар мӯему мӯ бар сари ман чун гӯям
بر سر مویم و مو بر سر من چون گویم
Ки на мо бар сари мўиим ва на мӯ бар сармост
که نه ما بر سر موییم و نه مو بر سرماست
Сарвро дӯш шунидам ки магари султон ро
سرو را دوش شنیدم که مگر سلطان را
Ба тарошидани мӯии сар шҳзодаҳ ҳавост
به تراشیدن موی سر شهزاده هواست
Ин сухан чун рост ба лафз муборак бигузашт
این سخن چون راست به لفظ مبارک بگذشت
Мужда чун мӯӣ ба ҳар гӯш расед аз чапу рост
مژده چون موی به هر گوش رسید از چپ و راست
Осмон гуфт ки ёрад ки мӯе кам
آسمان گفت که یارد که مویی کم
Аз сиррии каши фалаки имрӯз чу мӯӣ андар пост
از سری کش فلک امروز چو موی اندر پاست
Тез шуд астарау боз фурӯ рафт ба худ
تیز شد استره و باز فرو رفت به خود
Гуфт бо хеш ки мӯе зсрш натавон кост
گفت با خویش که مویی زسرش نتوان کاست
Боз май хост казон мӯии тарошии бикунад
باز میخواست کزان موی تراشی بکند
Аввал аз бандагии шоҳи иҷозат май хост
اول از بندگی شاه اجازت میخواست
Мӯӣ дар тоб шуд аз астара дар худ печид
موی در تاب شد از استره در خود پیچید
Каз сар ҷон натавонист ба икдми брхўост
کز سر جان نتوانست به یکدم برخواست
Бош дилшод ки ҳаргиз нашавад мӯе кам
باش دلشاد که هرگز نشود مویی کم
Ҳар кро бар сар ӯ соя иқбол шумост
هر کرا بر سر او سایه اقبال شماست
Ллаҳи алҳмд кигар мӯӣ бирафт аз сар ӯ
لله الحمد که گر موی برفت از سر او
То қиёмати сарви афсар бсломт барҷост
تا قیامت سرو افسر بسلامت برجاست
То шабиҳанд ба морони сиёҳи фиръавн
تا شبیهند به ماران سیاه فرعون
Мӯиҳои сияҳу офати эшон мўсост
مویهای سیه و آفت ایشان موساست
Аз наҳифи ғазабати бод чу мори заҳҳок
از نهیب غضبت باد چو مار ضحاک
Ҳар сари мӯӣ ки аъдои туро бар аъзост
هر سر موی که اعدای تو را بر اعضاست