Хок , хӯни оғиштаи лаб ташнагон Карбалост
خاک، خون آغشته لب تشنگان کربلاست
Охир эй чашми блобин ! ҷӯии хӯн борат куҷост ?
آخر ای چشم بلابین! جوی خون بارت کجاست؟
Ҷуз ба чашму чеҳраи мспри хоки ин раҳ , кони ҳама
جز به چشم و چهره مسپر خاک این ره، کان همه
Наргиси чашму гули рухсори оли мстФост
نرگس چشم و گل رخسار آل مصطفاست
эй дил бе сабри ман ороми гири ӣнҷои дамӣ
ای دل بیصبر من آرام گیر اینجا دمی
Кандар ӣнҷои манзили ороми ҷони мртзост
کاندر اینجا منزل آرام جان مرتضاست
Ин саводи хобгоҳи қурраи алъайн алӣ аст
این سواد خوابگاه قرهالعین علی است
Венаи ҳарими боргоҳи каъбаи ъзу ълост
وین حریم بارگاه کعبه عز و علاست
Равзаи пок ҳусайнаст ин ки машки зулфи ҳур
روضه پاک حسین است این که مشک زلف حور
Хештанро баста бар ҷоруби ин ҷинат сарост
خویشتن را بسته بر جاروب این جنت سراست
Шамъи олами тоби исоро дарин дайри куҳан
شمع عالم تاب عیسی را درین دیر کهن
Ҳар сабоҳ аз партави қандили зарринаши зёст
هر صباح از پرتو قندیل زرینش ضیاست
Зоби чашми зоирони равзааш « тӯбои ?лаам »
زاب چشم زایران روضهاش «طوبی لهم»
Шохи тӯборо ба ҷинат қӯт нашав ва намост
شاخ طوبی را به جنت قوت نشو و نماست
Мҳбти анвори иззат , мазҳари асрори лутф
مهبط انوار عزت، مظهر اسرار لطف
Манзили оёти раҳмат , Машҳад ол ъабост
منزل آیات رحمت، مشهد آل عباست
эй ки зуввори млоикро ҷанобат мақсад аст
ای که زوار ملایک را جنابت مقصد است
Вай ки маҷмӯи хилоиқро замират пешвост
وی که مجموع خلایق را ضمیرت پیشواست
Наъли шбрнги ту гӯши аршёнро гӯшвор
نعل شبرنگ تو گوش عرشیان را گوشوار
Гирди наълин ту чашми равшанонро тўтёст
گرد نعلین تو چشم روشنان را توتیاست
Сафҳаи теғи забонати орӣ аз айби хилоф
صفحه تیغ زبانت عاری از عیب خلاف
Рӯй мароти замири софӣ аз ранги раёсат
روی مرات ضمیر صافی از رنگ ریاست
Норай аз нури ҷабинат , шамъи тобони сабоҳ
ناری از نور جبینت، شمع تابان صباح
Торӣ аз лутфи сиёҳат , хати мишкӣни мсост
تاری از لطف سیاهت، خط مشکین مساست
Нои сазоеи коташи қаҳри ту дар вай шуъла зад
نا سزایی کاتش قهر تو در وی شعله زد
То қиёмати ҳема дӯзах шуд ва инаш сазост
تا قیامت هیمه دوزخ شد و اینش سزاست
Баҳраи ҷузи оташ чаҳ дорад ҳар ки сари барад ба теғ ?
بهره جز آتش چه دارد هر که سر برد به تیغ؟
Хоссаи шамъиро ки ӯ чашм ва чароғ анбиёст
خاصه شمعی را که او چشم و چراغ انبیاست
Ҳар сегӣ каз рӯбаҳӣ бо шери яздон панҷа зад
هر سگی کز روبهی با شیر یزدان پنجه زد
Гар худ ӯ оҳӯӣ тотораст , дар аслаш хатост
گر خود او آهوی تاتارست، در اصلش خطاست
То ниҳон шуд офтоби талъатат дар зери хок
تا نهان شد آفتاب طلعتت در زیر خاک
Ҳар саҳари пероҳани шаб дар бар гетӣ қабост
هر سحر پیراهن شب در بر گیتی قباست
Дар ҳақи боб шумо омад « алии бобаҳо »
در حق باب شما آمد «علی بابها»
Ҳар куҷои фазлии дарин бобаст , дар боб шумост
هر کجا فضلی درین باب است، در باب شماست
То сабо аз сари хоки ънбринти баради буи
تا صبا از سر خاک عنبرینت برد بوی
Ошиқ ӯ шуд ба сад дили зини сабаб номаш сабост
عاشق او شد به صد دل زین سبب نامش صباست
Ҳар кас аз ботил ба ҷое илтиҷое ме кунад
هر کس از باطل به جایی التجایی میکند
Зон миёни моро ҷаноби оли ҳайдари млтҷост
زان میان ما را جناب آل حیدر ملتجاست
Кӯрии чашми мухолиф , ман ҳусайнии мазҳабам
کوری چشم مخالف، من حسینی مذهبم
Роҳи ҳақ инаст ва натавонам нуҳуфтани роҳи рост
راه حق این است و نتوانم نهفتن راه راست
эй чу дарёи хушки лаб , лаб ташнагон раҳматем
ای چو دریا خشک لب، لب تشنگان رحمتیم
Оби рӯеи даҳ ба мо коби ҳамаи олам тар аст
آب رویی ده به ما کاب همه عالمتر است
Хоҳишат обаст ва мо май оварем инак ба чашм
خواهشت آب است و ما میآوریم اینک به چشم
Хоксори онкас ки бо дарё ба обаш моҷарост
خاکسار آنکس که با دریا به آبش ماجراست
Бар лаб равад алӣ , то оби дилҷӯии Фурот
بر لب رود علی، تا آب دلجوی فرات
Баста шуд зон рӯзи бози афтодаи об аз чшмҳост
بسته شد زان روز باز افتاده آب از چشمهاست
Ҷавҳари оби Фурот аз хӯни покони гашти лаъл
جوهر آب فرات از خون پاکان گشت لعل
Ин замони он оби хунин ҳамчунон дар чашми мост
این زمان آن آب خونین همچنان در چشم ماست
Сангҳо бар синаи кӯбон , ҷомҳо дар нили арақ
سنگها بر سینه کوبان، جامها در نیل عرق
намеравад нолони Фурот , ореи азин ғам дар азост
میرود نالان فرات، آری ازین غم در عزاست
Оби каф бар рӯй азин ғам мезанад , лекин чаҳ суд ?
آب کف بر روی ازین غم میزند، لیکن چه سود؟
Каф задан бар сар кунун кандар кафш бод ҳавост
کف زدن بر سر کنون کاندر کفش باد هواست
ё эмом аламтқин ! мо муфлисон тоъатем
یا امام المتقین! ما مفلسان طاعتیم
Як қабулати сад чу моро то абади барг ва навост
یک قبولت صد چو ما را تا ابد برگ و نواست
ё шафиъи алмзнбин ! дар хшксол раҳматем
یا شفیع المذنبین! در خشکسال رحمتیم
Зобри эҳсони ту моро чашм борон атост
زابر احسان تو ما را چشم باران عطاست
ё амири алмўмнин ! ом аст хон раҳматат
یا امیر المومنین! عام است خوان رحمتت
Мустаҳаққ бенаворо бар дарат гӯш салост
مستحق بینوا را بر درت گوش صلاست
ё эмоми алмуслимӣн ! аз мо анояти вои мгир
یا امام المسلمین! از ما عنایت وا مگیر
Худ ту май доне ки салмони банда ол ъабост
خود تو میدانی که سلمان بنده آل عباست
Нисбати ман бо шумо акнӯн дарин абёт нест
نسبت من با شما اکنون درین ابیات نیست
Мустафо фармуд салмони ҳам зоҳли байти мост
مصطفی فرمود سلمان هم زاهل بیت ماست
Равзаи ?утро ман ҳаводорами бҷони қандили вор
روضهات را من هوادارم بجان قندیلوار
Оташини дил дар барам доими муъаллақ зин ҳавост
آتشین دل در برم دایم معلق زین هواست
Хидматӣ лоиқ намеояд зи ман баҳри нисор
خدمتی لایق نمیآید ز من بهر نثار
Хурда Эй овардаам ваон дар манзум саност
خردهای آوردهام وان در منظوم ثناست
Ҳаркасиро даст бар чизе , ва моро бар дуо
هرکسی را دست بر چیزی، و ما را بر دعا
Рад макун чун дасти ин дарвеши мискин бар дуост
رد مکن چون دست این درویش مسکین بر دعاست
ё абои Абдуллоҳ ! аз лутфи ту ҳоҷоти ҳама
یا ابا عبدالله! از لطف تو حاجات همه
Чун раво шуд ҳоҷати мо гар барояд ҳам равост
چون روا شد حاجت ما گر برآید هم رواست