Моро аз ту чашми бади айём ҷудо кард

ما را از تو چشم بد ایام جدا کرد

Чашми бади айём чаҳ гӯям чҳо кард ?

چشم بد ایام چه گویم چها کرد؟

Бо чашму дили сӯхтагони рӯзи фироқат

با چشم و دل سوختگان روز فراقت

Он кард ки бо равшании шамъ сабо кард

آن کرد که با روشنی شمع صبا کرد

Мо ёр надидем ки бо ёри басари барад

ما یار ندیدیم که با یار بسر برد

Мо дӯст надидем ки бо дӯст вафо кард

ما دوست ندیدیم که با دوست وفا کرد

Зулфат ба сари хешу ҷамолат ба ҷудоӣ

زلفت به سر خویش و جمالت به جدایی

Ҳаряк чаҳ даҳуми шарҳ ки бар ман чаҳ ҷафо кард

هریک چه دهم شرح که بر من چه جفا کرد

Бе нури ҷамоли ту назар парда нишин шуд

بی‌نور جمال تو نظر پرده‌نشین شد

Бар мардум ва бар хеш дар дида фаро кард

بر مردم و بر خویش در دیده فرا کرد

Чашмами з ҷаҳон дошт ғуборӣу ҳиҷобӣ

چشمم ز جهان داشت غباری و حجابی

Дидори ту он ҳар ду мубаддил ба сафо кард

دیدار تو آن هر دو مبدل به صفا کرد

Умрӣ ки равад бе ту наме боядам он умр

عمری که رود بی‌تو نمی‌بایدم آن عمر

Май боядам он умр дигар бора қазо кард

می‌بایدم آن عمر دگر باره قضا کرد

Бар буии ту ҷон рафту зи кӯии ту ҳамон дам

بر بوی تو جان رفت و ز کوی تو همان دم

Ҷонӣ дигар оварад сабо дар тан мо кард

جانی دگر آورد صبا در تن ما کرد

Бо ин ҳама бо ӯ наздам дам ки шунидам

با این همه با او نزدم دم که شنیدم

Кӯ рафту ҳадиси сари зулфати ҳама ҷо кард

کو رفت و حدیث سر زلفت همه جا کرد

Аз хӯни дилами дидаи чунон гашт ки мардум

از خون دلم دیده چنان گشت که مردم

Зин гӯша бидон гӯшаи тараддуд ба шино кард

زین گوشه بدان گوشه تردد به شنا کرد

Ман дар ғами онам ки хаёлат ба чунин ҷой

من در غم آنم که خیالت به چنین جای

Чун омад ва чун рафту шаби ором куҷо кард ?

چون آمد و چون رفت و شب آرام کجا کرد؟

« алмнаҳи ллаҳ » ки кунун бахти ман аз хоб

«المنه لله» که کنون بخت من از خواب

Бедор шуду дида ба дидори ту во кард

بیدار شد و دیده به دیدار تو وا کرد

Венаи чашми Ромади дидаи ман серумаи иқбол

وین چشم رمد دیده من سرمه اقبال

Аз хок дар хусрави ҷамшед лақо кард

از خاک در خسرو جمشید لقا کرد

Дорои ҳасани номи ҳасании насбу асл

دارای حسن نام حسنی نصب و اصل

Кӯи кори Ироқ аз паии эҳсон ба наво кард

کو کار عراق از پی احسان به نوا کرد

Султони замон , шайхи ҳасан , онкии замона

سلطان زمان، شیخ حسن، آنکه زمانه

Теғу қаламашро сабаби хавф ва раҷо кард

تیغ و قلمش را سبب خوف و رجا کرد

Ҷамшеди фалаки қадар ки хуршеди ҷаҳони тоб

جمشید فلک قدر که خورشید جهان تاب

Аз рои карами густар ӯ касб зё кард

از رای کرم گستر او کسب ضیا کرد

Гоҳе фалакаши довари ҷамшед нигин хонд

گاهی فلکش داور جمشید نگین خواند

Гоҳе лақабаши довари хуршед лақо кард

گاهی لقبش داور خورشید لقا کرد

Аз нури дилаши субҳи дили афрӯз сафо ёфт

از نور دلش صبح دل افروز صفا یافت

Вази файзи кафши абри гуҳари бор ҳаё кард

وز فیض کفش ابر گهر بار حیا کرد

эй шоҳи адуи коҳ ки инсофи ту аз коҳ

ای شاه عدو کاه که انصاف تو از کاه

Дафъи ситами ҷозиба коҳрбо кард !

دفع ستم جاذبه کاهربا کرد!

Рмҳт ба синони омили он шуғл хатир аст

رمحت به سنان عامل آن شغل خطیر است

Коъҷози кафи Мӯсои умрон ба Асо кард

کاعجاز کف موسی عمران به عصا کرد

Қавлат ба баёни мҳиии он феъл шариф аст

قولت به بیان محیی آن فعل شریف است

Косори дами исои умрон ба дуо кард

کاثار دم عیسی عمران به دعا کرد

Ноҳид паноҳед ба базми ту ва рое

ناهید پناهید به بزم تو و رایی

Май хост варо мутрибаи парда саро кард

می‌خواست و را مطربه پرده‌سرا کرد

Бисёр бигардед фалаки гирду соқт

بسیار بگردید فلک گرد و ثاقت

То қадари тўоши муттасили парда саро кард

تا قدر تواش متصل پرده‌سرا کرد

Дасти ту ки бо без Аёдӣаст кушода

دست تو که با بی ز ایادی است گشاده

Ҳоҷоти хилоиқи зи сари дсо раво кард

حاجات خلایق ز سر دسا روا کرد

Теғи ту ки садӣаст з пӯлод кашида

تیغ تو که سدی است ز پولاد کشیده

Дафъи ситами фитнаи ёҷўҷ бало кард

دفع ستم فتنه یاجوج بلا کرد

Шамшери ту овозаи расонид ба ФъФўр

شمشیر تو آوازه رسانید به فعفور

Ҳоле ба мусулмоняши ангушт намо кард

حالی به مسلمانیش انگشت نما کرد

Исломи ту парвонаи фиристода ба қайсар

اسلام تو پروانه فرستاده به قیصر

Оташкадаи куфр ба парвона раҳо кард

آتشکده کفر به پروانه رها کرد

Ҷое ки муҳӣти кафати иҷроӣ ҷаҳон ронад

جایی که محیط کفت اجرای جهان راند

Вақте ки дили равшанати изҳор сафо кард

وقتی که دل روشنت اظهار صفا کرد

Аз рӯй ту шуд абри хаҷал ваон зи ҳаё буд

از روی تو شد ابر خجل وان ز حیا بود

Вази меҳр ту зад субҳи нафас ваон зи зко буд

وز مهر تو زد صبح نفس وان ز ذکا بود

Бадхоҳи ту қасди сар худ дошт валикин

بدخواه تو قصد سر خود داشت ولیکن

Теғи ту зи якдигарашони нек ҷудо кард

تیغ تو ز یکدیگرشان نیک جدا کرد

Қадари ту шабии куҳнаи қабое ба фалак дод

قدر تو شبی کهنه قبایی به فلک داد

Аз рӯй замини бӯси фалаки пушт дўто кард

از روی زمین بوس فلک پشت دوتا کرد

Пеш аз қад ӯ буд ба ҳаряки зи кавокиб

پیش از قد او بود به هریک ز کواکب

Бахшед каллаи ворӣу боқӣ ба қабо кард

بخشید کله‌واری و باقی به قبا کرد

Гар хашми ту бар кӯҳ занад бонг наёрад

گر خشم تو بر کوه زند بانگ نیارد

Кӯҳ аз фазаъи хашми ту оҳанг садо кард

کوه از فزع خشم تو آهنگ صدا کرد

Он рӯз ки машшотаи тақдири илоҳӣ

آن روز که مشاطه تقدیر الهی

Ороиши рухсори арӯсон само кард

آرایش رخسار عروسان سما کرد

Шмири ту оина рӯй зафари сохт

شمیر تو آینه روی ظفر ساخت

Инсофи туро воситаи ақд банно кард

انصاف تو را واسطه عقد بنا کرد

Фии алҷмлаҳ , туро шоҳи мулӯки умарои сохт

فی‌الجمله، تو را شاه ملوک امرا ساخت

Алқсаҳ , марои мейри мулӯк шуъаро кард

القصه، مرا میر ملوک شعرا کرد

Шоҳои фалак бе сарви по даст баровард

شاها فلک بی‌سرو پا دست برآورد

Якборагии аҳволи маро бесар ва по кард

یکبارگی احوال مرا بی‌سر و پا کرد

Каси буи вафое нишнидаст зи айём

کس بوی وفایی نشنیدست ز ایام

Ҳар кас ки аз ӯ буии вафои ҷуст хато кард

هر کس که از او بوی وفا جست خطا کرد

Чандон дами дил сӯхтагон дод бидон буи

چندان دم دل سوختگان داد بدان بوی

Айём ки хӯн дар ҷигари машк хато кард

ایام که خون در جگر مشک خطا کرد

То ҳар бадви некӣ ки дарин маркази хокӣ

تا هر بدو نیکی که درین مرکز خاکی

Давр гузарон кард ба тақдир худо кард

دور گذران کرد به تقدیر خدا کرد

Даври гузарон бар ҳасби рои шумо бод

دور گذران بر حسب رای شما باد

Даври гузарон кӣ гузар аз рой шумо кард

دور گذران کی گذر از رای شما کرد