Дилро ҳавои чашми ту бемор ме кунад
دل را هوای چشم تو بیمار میکند
Ҷонро умеди васли ту тимор ме кунад
جان را امید وصل تو تیمار میکند
Таррори турраи ту дилами баради оризат
طرار طره تو دلم برد عارضت
Рӯ вониҳода пуштӣ таррор ме кунад
رو وانهاده پشتی طرار میکند
Аз бандагии қад ту шуд кори сарви рост
از بندگی قد تو شد کار سرو راست
Озодӣ аз ту дорад ва ҳамвор ме кунад
آزادی از تو دارد و هموار میکند
Холи ту пеши чашми ту зънбр бихӯр кард
خال تو پیش چشم تو زعنبر بخور کرد
Венаи баҳраи қӯти дил бемор ме кунад
وین بهره قوت دل بیمار میکند
Ҳушёр бош эй дили ғофил ки чашми ёр
هشیار باش ای دل غافل که چشم یار
Мастасту қасди мардум ҳушёр мекунад !
مست است و قصد مردم هشیار میکند!
Дидор ӯ ба хоб хаёласт дида ро
دیدار او به خواب خیال است دیده را
Корӣаст инки давлат бедор ме кунад
کاری است اینکه دولت بیدار میکند
Дарбаст бо дилами даҳани танг ӯ ба ҳеҷ
دربست با دلم دهن تنگ او به هیچ
ӯ ин чунин музоиқа бисёр ме кунад
او این چنین مضایقه بسیار میکند
Афтодаи дили зи кор ба якборагӣ ки ёр
افتاده دل ز کار به یکبارگی که یار
Ҳарҷо ғамӣаст бар дили ман бор ме кунад
هرجا غمی است بر دل من بار میکند
Мурғи шикастаи боли дили ман ки рӯзу шаб
مرغ شکسته بال دل من که روز و شب
Парвоз дар ҳавои рух ёр ме кунад
پرواز در هوای رخ یار میکند
Ташвиш аз он ду доми диловез май барад
تشویش از آن دو دام دلاویز میبرد
Андеша зон ду тарк камондор ме кунад
اندیشه زان دو ترک کماندار میکند
Мастаст ва бе хабари магар аз даври адли шоҳ
مست است و بیخبر مگر از دور عدل شاه
Чашми сияҳи дилаш ки дил озор ме кунад
چشم سیه دلش که دل آزار میکند
Дорои аҳд , шайхи ҳасан , онкии хизматаш
دارای عهد، شیخ حسن، آنکه خدمتش
Чархи дўто ба чорўбаҳ ночор ме кунад
چرخ دوتا به چاروبه ناچار میکند
Шоҳӣ ки дар ҳалоки аъодӣ ба рӯзи разм
شاهی که در هلاک اعادی به روز رزم
Эҳёии расми ҳайдар каррор ме кунад
احیای رسم حیدر کرار میکند
Равшан шуд инки аз ғазаб ӯст коФтоб
روشن شد اینکه از غضب اوست کافتاب
Хуноби лаъл дар дил аҳҷор ме кунад
خوناب لعل در دل احجار میکند
Пӯшида нест каз карам ӯст космон
پوشیده نیست کز کرم اوست کاسمان
Дебои сабз дар бар ашҷор ме кунад
دیبای سبز در بر اشجار میکند
Аз шарми рои равшан ӯ ҳар шаби офтоб
از شرم رای روشن او هر شب آفتاب
Чун сояи саҷдаи пас девор ме кунад
چون سایه سجده پس دیوار میکند
эй хусравӣ ки кавкабаи рои равшанат
ای خسروی که کوکبه رای روشنت
Ройоти офтоб нигунсор мекунад !
رایات آفتاب نگونسار میکند!
Аз табиби халқи нофаи гушои ту шама Эй аст
از طبیب خلق نافه گشای تو شمهای است
Боди он ривоятӣ ки з гулзор ме кунад
باد آن روایتی که ز گلزار میکند
Аз файзи дасти баҳри ясори ту қатраи ист
از فیض دست بحر یسار تو قطرهایست
Абри он тарашшӯҳӣ ки ба ақтор ме кунад
ابر آن ترشحی که به اقطار میکند
Дар қатъу фасли душмани бади асли бдгҳр
در قطع و فصل دشمن بد اصل بدگهر
Теғи ту покии гуҳар изҳор ме кунад
تیغ تو پاکی گهر اظهار میکند
Ту мултафит машав ба адуи зи онкии худ фалак
تو ملتفت مشو به عدو ز آنکه خود فلک
Тадбири дафъи фитна ашрор ме кунад
تدبیر دفع فتنه اشرار میکند
Коникс ки кард дар ҳақи дорои бадӣ ҳануз
کانکس که کرد در حق دارا بدی هنوز
Наққоши нақш ӯ ҳама бурдор ме кунад
نقاش نقش او همه بردار میکند
Гар муртафаъ шаванд нуҷуми фалак чаҳ бок ?
گر مرتفع شوند نجوم فلک چه باک؟
Рои ту ҳукми собит ва сайёр ме кунад
رای تو حکم ثابت و سیار میکند
Пер ар буд ваъдаи тадбир чун накард
پیر ار بود وعده تدبیر چون نکرد
Умеди доштам ки магар пора ме кунад
امید داشتم که مگر پاره میکند
Зомсол низ қурби се ма рафту банди гиш
زامسال نیز قرب سه مه رفت و بند گیش
Бо ман ҳамон ҳикоят пирор ме кунад
با من همان حکایت پیرار میکند
Дар ҳасби ҳоли тазкира назм карда ам
در حسب حال تذکره نظم کردهام
Назмӣ ки касри лўл шҳўор ме кунад
نظمی که کسر لول شهوار میکند
Кории з пеш меравад аз лутфи шоҳяш
کاری ز پیش میرود از لطف شاهیش
Ин назмро пеши ту дар кор ме кунад
این نظم را پیش تو در کار میکند
То ҳар баҳори хомаи наққоши рӯзгор
تا هر بهار خامه نقاش روزگار
Бар хори нақши сӯрат Фархор ме кунад
بر خار نقش صورت فرخار میکند
Сарсабзи боди гулбуни ҷоҳи ту то зиришк
سرسبز باد گلبن جاه تو تا زرشک
Дар чашми душманони мижа чун хор мекунад !
در چشم دشمنان مژه چون خار میکند!