Он дам ки боди субҳ ба зулфат гузар кунад

آن دم که باد صبح به زلفت گذر کند

Машки хутан ба хӯни ҷигари чеҳра тар кунад

مشک ختن به خون جگر چهره تر کند

Огаҳ нае ки сунбули ту машк ро

آگه نه‌ای که سنبل تو مشک را

Ҳар дами з рӯй рашк чаҳ хӯн дар ҷигар кунад ?

هر دم ز روی رشک چه خون در جگر کند؟

Ёди ту сӯхтагони аҷалро шифо диҳад

یاد تو سوختگان اجل را شفا دهد

Буии ту хуфтагони адамро хабар кунад

بوی تو خفتگان عدم را خبر کند

Ҳрдм ки аз сафои ҷамоли ту дами занам

هردم که از صفای جمال تو دم زنم

Субҳами сар аз дарича анфос барканд

صبحم سر از دریچه انفاس برکند

Ҳргаҳ ки меҳр рӯй ту дар хотир оварам

هرگه که مهر روی تو در خاطر آورم

Хуршеди сари зи равзани андеша дар кунад

خورشید سر ز روزن اندیشه در کند

Дорам шикастаи баста чу зулфати дилӣ ки ӯ

دارم شکسته بسته چو زلفت دلی که او

Ҳар дами ҳавои суҳбати рӯе чу хур кунад

هر دم هوای صحبت رویی چو خور کند

Кори ман аз ту рост ба зар мешавад чу зар

کار من از تو راست به زر می‌شود چو زر

Оре чу зар буд ҳамаи корӣ чу зар кунад

آری چو زر بود همه کاری چو زر کند

Хӯшаи ниҳоди сар ба камаргоҳи ту магар

خوشه نهاد سر به کمرگاه تو مگر

Омад ки бо ту дасти ҳавас дар камар кунад

آمد که با تو دست هوس در کمر کند

Саргаштаи ҳиндӯят , чаҳ савдост бар сараш ?

سرگشته هندویت، چه سوداست بر سرش؟

Он ки ба ин хаёли каҷ аз сар бадар кунад

آن که به این خیال کج از سر بدر کند

Дили хост то ҳикояти зулфи ту мӯ ба мӯ

دل خواست تا حکایت زلف تو مو به مو

Маълуми рои осифи ҷамшед фар кунад

معلوم رای آصف جمشید فر کند

Лекини чунин ҳадиси пароканда чун касе

لیکن چنین حدیث پراکنده چون کسی

Дрбндгии хоҷаи некӯ сайр кунад ?

دربندگی خواجه نیکو سیر کند؟

Хуршеди осмони вазорат ки осмон

خورشید آسمان وزارت که آسمان

Хок дараш ба серумаи кӯҳл басар кунад

خاک درش به سرمه کحل بصر کند

Аъзами ғиоси давлату дайни онкии рӯзгор

اعظم غیاث دولت و دین آنکه روزگار

Номаши вазири мамлакати баҳр ва бар кунад

نامش وزیر مملکت بحر و بر کند

То рояти Музаффари султони ховарӣ

تا رایت مظفر سلطان خاوری

Ҳар шоми азми мамлакат бохтар кунад

هر شام عزم مملکت باختر کند

Бодои зи қадари рояти чунонкии сар

بادا ز قدر رایت چنانکه سر

Ҳар рӯзи фатҳи арсаи мулкӣ дигар кунад

هر روز فتح عرصه ملکی دگر کند